घोसी: सियरही बरजला में चकमार्ग का पुनः सीमांकन, प्रशासन की मौजूदगी में निशानदेही

सतीश कुमार पांडेय
घोसी, मऊ। घोसी तहसील अंतर्गत सियरहीं बरजला में चकमार्ग को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने पुनः सीमांकन की कार्रवाई पूरी कर ली है। यह सीमांकन उपजिलाधिकारी घोसी अशोक कुमार सिंह की मौजूदगी में राजस्व, पुलिस और ग्रामीणों की उपस्थिति में कराया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त चकमार्ग की पैमाइश इससे पूर्व 1 जुलाई 2025 को ग्राम प्रधान, आसपास के भूस्वामियों, राजस्व टीम एवं पुलिस टीम की मौजूदगी में की गई थी, लेकिन सीमांकन को लेकर ग्रामवासियों में असंतोष बना रहा। इसके चलते चकमार्ग पर निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा था और कुछ ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा था।
इस संबंध में ग्राम प्रधान रितु भारती ने तहसील दिवस पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्रामसभा सियरहीं बरजला में पूर्व में खड़ंजा लगवाया गया था, लेकिन कुछ दूरी तक खड़ंजा शेष रह गया है। शेष खड़ंजा निर्माण कराए जाने पर गांव के राजेश पुत्र शिवबदन एवं पिंटू पुत्र कन्ता द्वारा बार-बार बाधा डाली जा रही है। पैमाइश कराने पर भी विरोध किया जाता है। मामले का संज्ञान लेते हुए घोसी के एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने पुलिस बल की उपस्थिति में चकमार्ग की पुनः पैमाइश एवं सीमांकन कराने के आदेश दिए। आदेश के क्रम में गठित सीमांकन टीम में राजस्व निरीक्षक पारस नाथ, स्थानीय लेखपाल अवधेश चौहान, सौरभ राय, कौशलेंद्र यादव एवं रानू बरनवाल शामिल रहे। एसडीएम अशोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन की मौजूदगी में चकमार्ग का सीमांकन कर निशानदेही कर दी गई, तथा मौके पर उपस्थित लोगों के हस्ताक्षर भी लिए गए। इसके बाद ग्राम प्रधान को उक्त चकमार्ग पर निर्माण कार्य कराए जाने के लिए सूचित कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि चकमार्ग ग्रामसभा की संपत्ति है और निर्माण कार्य में अनावश्यक बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आसपास के काश्तकार गुड्डू कुमार, पिंटू कुमार, दशरथ, हरिवंश, राजेंद्र, अवधेश, कल्लू, लच्छीराम, सत्यनारायन एवं अवधेश सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।




