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वाराणसी

बिजली कर्मचारियों का निजीकरण का विरोध प्रदर्शन हुआ तेज

बर्खास्तगी के आदेश की प्रतियां जलाईं

सरफराज अहमद

वाराणसी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज प्रदेश के समस्त जनपदों, परियोजनाओं और राजधानी सहित बनारस के भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर आज चौथे दिन दोपहर-2बजे से बिजली के निजीकरण एवं बेतहाशा बिजली दर बढ़ाने के विरोध में बिजलिकर्मियो ने विरोध सभा की। विरोध सभा के बीच पॉवर कारपोरेशन द्वारा जारी किये गये तानाशाहीपूर्ण असंवैधानिक आदेश की प्रतियां जलाईं गयी।

संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशान्ति का वातावरण बनाकर हड़ताल थोपने के हालात बनाने के आरोप में पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। निजीकरण के घोटाले को अंजाम देने के लिए पॉवर कारपोरेशन ने निदेशक वित्त निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार तीन माह के लिए बढ़ाया है।

वक्ता मनोज यादव ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण करने हेतु इतने उतावले हो गये हैं कि उन्होंने संविधान के आर्टिकल 311(2) का उल्लंघन कर बिजली कर्मचारियों की बर्खास्तगी का अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक आदेश जारी कर मा. उच्च न्यायालय एवं मा. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये फैसलों का भी अपमान किया है। संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मियों के शान्तिपूर्ण आन्दोलन से बौखलाये डॉ आशीष गोयल इस भीषण गर्मी में ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशान्ति का वातावरण बनाकर हड़ताल थोपने में लगे हैं। दूसरी ओर बिजली कर्मी आन्दोलन करते हुए भी उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं होने दे रहे हैं और उनकी समस्यायें अटेण्ड की जा रही हैं। संघर्ष समिति ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मा. योगी आदित्यनाथ जी से मांग की है कि वे डॉ आशीष गोयल की अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और तानाशाहीपूर्ण गतिविधियों को देखते हुए उन्हें तत्काल पद से बर्खास्त करने की कृपा करें।

संघर्ष समिति की विरोध सभा को संबोधित करते हुए ई0 मायाशंकर तिवारी ने कहा कि निदेशक वित्त, निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार 03 माह के लिए बढ़ाने से संघर्ष समिति के इस आरोप की पुष्टि हो गयी है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण हेतु अवैध ढंग से नियुक्त किये गये ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में पेनाल्टी लगने के मामले में उसकी नियुक्ति रद्द करने के बजाये निधि नारंग ग्रान्ट थॉर्टन को क्लीन चिट देने वाले हैं।

सभा को संबोधित करते हुए प्रमोद कुमार ने बताया कि चेयरमैन डॉ आशीष गोयल के कहने पर पॉवर कारपोरेशन के महाप्रबन्धक (आई.आर.) श्री प्रदीप कुमार और उत्पादन निगम के महाप्रबन्धक (एच. आर.) श्री ए के सेठ संघर्ष समिति के घटक संगठनों के पदाधिकारियों को फोन करके या अपने कमरे में बुलाकर धमकी दे रहे हैं कि वे अपने पद से इस्तीफा दें और संघर्ष समिति छोड़ दें अन्यथा उनपर कठोर अनुशासनात्मक और पुलिस कार्यवाही की जायेगी।

वक्ता रंजीत पटेल ने आरोप लगाया कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबन्धन भय का वातावरण बनाकर और मुख्यमंत्री जी के सामने झूठे आकड़े रखकर निजीकरण करना चाहते हैं। संघर्ष समिति ने मांग की है कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन द्वारा दिये जा रहे आकड़ों की सीबीआई जांच करायी जाये और महाप्रबन्धक श्री प्रदीप कुमार एवं महाप्रबन्धक श्री ए के सेठ द्वारा धमकी दिये जाने की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर इन्हें दण्डित किया जाये।

बनारस में बिजली कर्मियों ने अपराह्न 02 बजे से सायं 05 बजे तक विरोध सभा की और इस दौरान पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन द्वारा जारी किये गये बर्खास्तगी के अधिकार के असंवैधानिक आदेश की प्रतियां जलाईं गयी।

सभा की अध्यक्षता ई0 एस0के0 सिंह एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को ई0 मायाशंकर तिवारी, ई0सियाराम, संदीप कुमार, ई0अनिल कुमार, संतोष वर्मा, हेमन्त श्रीवास्तव, अनिल यादव, सतीशचंद्र बिंद, गजेंद्र श्रीवास्तव, रविन्द्र यादव आदि ने संबोधित किया।

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