बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए-योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे
मॉरीशस के प्रधानमंत्री के आगामी प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी तैयारियां समय से पूर्ण करें
सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में चल रहे विकास परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदाई संस्थाओं के अभियंताओं को निर्देशित किया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि परियोजनाओं की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जाती है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अपराधियों पर भी नकेल कसे जाने हेतु पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए। उन्होंने वर्तमान में दोबारा वाराणसी में आए बाढ़ की स्थिति पर पैनी नजर रखे जाने का निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही उनकी बुनियादी आवश्यकताओं पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत पर उन्होंने विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ उन्होंने जनपद में संचालित विकास परियोजनाओं एवं कानून व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में प्रगति सुनिश्चित करने के लिये संवाद बनाए जाने की आवश्यकता है।परियोजनाओं की जद में आने वाले व्यक्तियों से संवाद स्थापित कर उनको समय से समुचित मुआवजा देना सुनिश्चित करें। बाढ़ राहत के कार्य सही समय पर होना सुनिश्चित हो तथा प्रभावितों किसानों को मुआवजा वितरण का कार्य तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित हो। विद्युत तारों के अंडर ग्राउंड केबलिंग के कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन करें।

मानक के अनुरुप ही सीवर लाइन बिछना सुनिश्चित करें। परियोजनाओं के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी अपने निरीक्षण में इसकी मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों में गुणवत्ता एवं समय सीमा का हर हाल में ध्यान रखा जाये। सड़कों के किनारे ड्रेनेज भी मानक के अनुसार बनाना सुनिश्चित करें, ताकि कोई जलजमाव की स्थिति न बने, पर्याप्त जलनिकासी की व्यवस्था हो। जनपद में विकसित की गयी सुविधाएं आमजन को उपलब्ध हो ये जरूर सुनिश्चित हो। स्टेडियम में अधिकाधिक स्थानीय खिलाड़ियों को मौका मिले, अच्छे कोचों की नियुक्ति हो। समितियों पर खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो, कहीं भी खाद की कालाबाजारी न हो। रकबे के सापेक्ष किसानों को खाद उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निजी दुकानों पर भी खाद की उचित गुणवत्ता सुनिश्चित करें। बाल वाटिकाओं में जनप्रतिनिधि को आमंत्रित करके कार्यक्रम कराना सुनिश्चित करें। निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित हों तथा वर्तमान में पशुओं को हरा चारा पर्याप्त मात्रा में खिलाएं, कहीं भी गंदगी न हो इसको सुनिश्चित करें। बीमार गोवंशों का फौरन उपचार का प्रबंध सुनिश्चित हो इसके लिए सम्बन्धित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो। राजस्व से जुड़े वादों की तहसीलवार समीक्षा कर समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो। सभी कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करते हुए विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। विकास प्राधिकरण, नगर निगम तथा जल निगम पब्लिक परसेप्शन बदलने हेतु अपनी कार्य संस्कृति पर ध्यान दें। कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराएं




