अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी स्मृति का सम्मेलन नेहरू हाल में संपन्न

गोविन्द लाल शर्मा
आजमगढ़। पूर्णश्लोक अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के तहत सम्मेलन नेहरु हाल में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दारा सिंह चौहान (कारागार मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार) मौजूद रहे। मुख्य अतिथि द्वारा महिला सफाई कर्मचारियों को अंगवस्त्र पुष्प गुच्छ व स्वच्छता किट देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर भारतीय हतिहास की उन महान नारियों में से हैं। जिन्होंने नारी शक्ति, प्रशासनिक दक्षता और धर्म-परायणता का ऐसा अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। जिसकी स्मृति आज भी भारतीय जनमानस में श्रद्धा के साथ अंकित है। 31 मईं, 1725 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जनपद स्थित चांडी ग्राम में जन्मी अहिल्याबाई, प्रारंभ से ही विलक्षण प्रतिभा और प्रखर बुद्धि की धनी थीं। उनकी न्यायिक व्यवस्था इतनी प्रभावी थी कि प्रजा उन्हें साक्षात धर्म का रूप मानती थी। उन्होंने देशभर में मंदिरों, कुओं, धर्मशालाओं और घाटों का निर्माण करवाया। जिनमें काशी, गया, सोमनाथ, द्वारका, रामेश्वरम् जैसे तीर्थस्थलों का विशेष उल्लेखनीय स्थान है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आजमगढ़ सदर ध्रुव कुमार सिंह पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष माला द्विवेदी , श्रीकृष्ण पाल,प्रेम प्रकाश राय, पूनम सिंह ,विभा बर्नवाल, अवनीश मिश्रा अजय सिंह, विवेक निषाद,मृगांक शेखर सिन्हा, संतोष चौहान, धर्मवीर चौहान , अवनीश चतुर्वेदी, शोभित श्रीवास्तव मौजूद रहे।




