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वाराणसी

दिव्यांग जनों को रोजगार प्रदान करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास

देश की अर्थव्यवस्था के विकास में दिव्यांगजन भी करेंगे भागीदारी

सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी
गुरुवार को वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार  लंका स्थित गंगा बाग कॉलोनी में एक नए अध्याय का शुभारंभ हुआ वाराणसी में राज्य पुरस्कार प्राप्त सामाजिक संस्था कैफेबिलिटी कैफे द्वारा अपने नए प्रतिष्ठान कैपेबिलिटी लंका का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ के अवसर पर वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, ज्योतिषाचार्य चंद्रमौली उपाध्याय, राज्य सलाहकार वोट के सदस्य डॉक्टर उत्तम ओझा एवं डॉ संजय चौरसिया उपस्थित रहे। उन्होंने संयुक्त रूप से फीता काटकर दिव्यांग जनों द्वारा संचालित इस कैफे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने कहा कि दिव्यांग जनों को रोजगार देना आज एक बड़ी चुनौती है, इस दिशा में हमको प्रयास करने चाहिए और मुझे खुशी है कि कैपेबिलिटी इस दिशा में प्रयास कर रहा है और दिव्यांगों को रोजगार प्रदान कर रहा है।डॉक्टर उत्तम ओझा ने कहा कि दिव्यांगों के पुनर्वास एवं रोजगार की इस देश में सबसे बड़ी आवश्यकता है, सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है लेकिन समाज द्वारा भी प्रयास किया जाना चाहिए समाज में जितने प्रतिष्ठान संचालित हैं सब में अगर एक-एक दिव्यांगजनों को रोजगार दे दिया जाए तो इस देश में कोई भी दिव्यांग बेरोजगार नहीं बचेगा । प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था के विकास में 2047 में जो 5 ट्रिलियन डॉलर की बात कही है उसमें एक ट्रिलियन डॉलर का योगदान दिव्यांग जनों का होगा।प्रो चंद्र मौली उपाध्याय  ने अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि दिव्यांग जनों को रोजगार देकर उन्हें आत्म निर्भर बनाना यह बहुत ही सराहनीय कदम है इसमें मैं हर संभव सहयोग करूंगा। डॉक्टर संजय चौरसिया  ने कहा की अर्थव्यवस्था में योगदान करने के लिए दिव्यांग जनों को रोजगार देना अति आवश्यक है अगर भारत को विश्व गुरु बनाना है तो हमें दिव्यांगजनों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें स्वरोजगार देने की आवश्यकता है।कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का स्वागत संस्था के सचिव सजी जोसफ ने किया।

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