मिर्जापुर : हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में हलचल तेज

मीरजापुर ( तारा त्रिपाठी ) । वैसे तो गांव पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार द्वारा पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त कर देने के बाद गांवों का चुनावी हलचल थम सा गया था। आज तीन माह के अंदर पंचायत चुनाव कराने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांवों में चुनावी हलचल तेज हो गया है। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत, जिलापंचायत के चुनाव लड़ने वाले सम्भावित प्रत्याशियों में मतदाताओं के प्रति आवभगत अधिक हो गया है। नवरात्र के अवसर पर रामलीली और दुर्गा पूजा में भी भागीदारी बढ़ गई है। जिसकी कभी पूछ नहीं होती थी उसको की सिर आंखों पर बैठाया जा रहा है। चट्टी चौराहे, चाय पान की दुकानें प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए संवाद स्थल बन गया है।बाटी चोखा ,प्रीति भोज के अवसर को कोई छोड़ना नहीं चाह रहा है ।आज के समाचार ने उमदवारों के खर्च बढ़ा दिया है। यद्यपि सरकार आज के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है फिर भी पंचायत चुनाव के प्रति गावों में हलचल बढ़ गया है। कहीं कहीं जीत-हार की बाजी भी लगना शुरु हो गया है।हला कि यह चुनाव राजनैतिक दलों के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाते किन्तु व्यक्ति की पहचान के आधार पर यह चुनाव चुनावी रंग में रंग ही जाता है। विधान चुनाव मेंअभी विलम्ब होने के कारण और सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार को राहत न मिलने के लगाये जा रहे कयसों से ग्रामीणों में पंचायत चुनाव के हो जाने का विश्वास जगा दिखाई दे रहा हैऔर वे पंचायत चुनाव के प्रति उत्साह से लबरेज हैं। कहीं जाति के विसात बिछाये जा रहे हैं तो कहीं विकास के आधार पर चुनाव खड़ा किये जा हैं ।कहीं धन बल भी हाबी होते हुए दिख रहा है। अभी चुनाव के प्रति बहुत ही प्रक्रिया बाकी है किन्तु गांवों का परिदृश्य आज से चुनावी मोड में हो गया है ।



