आजमगढ़ : सालों से नरक भोगने को मजबूर दो गांवों के लोग

गोविंद लाल शर्मा/आजमगढ़। जिले के विकास खंड सठियांव के ग्राम समेदा और राउतमऊ के ग्रामीण पिछले 23 वर्षों से एक-एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। जर्जर व खड्डों में तब्दील हो चुके समेदा-भरथीं नहर मार्ग पर आए दिन मासूम बच्चे, बुजुर्ग और मरीज चोटिल हो रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी सड़क निर्माण की पहल की जाती है, तो गांव के ही कुछ दबंग व्यक्ति कार्य में अड़ंगा डाल देते हैं और मारपीट की धमकियां देते हैं। हद तो यह है कि जल जीवन मिशन के तहत बिछाई जा रही पाइपलाइन का काम भी दबंगई के बल पर रोक दिया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज है। परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच, पैमाइश कराने, दबंगों पर कानूनी कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क निर्माण व पेयजल कार्य शुरू कराने की मांग की है। इस दौरान प्रवेश मौर्या, धनंजय मौर्या, रामभवन मौर्य, रवींद्र मौर्य, गुड्डू बनवासी, डब्लू मौर्या सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



