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विदेशः अमेरिका से पीछा छुड़ाने लगे इस्लामिक देश, नाटो जैसा एग्रीमेंट किया

ईरान सबसे शक्तिशाली देश के रूप में उभरा, शहादतें कुबूल कीं लेकिन ट्रंप के सामने झुका नहीं, सऊदी अरब, तुर्किए, पाकिस्तान ने मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर दस्तखत, ईरान के जवाबी हमलों से खुल गई अमेरिका और इस्राइल की पोल,

आसिफ हुसैनः कानपुर। अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर हमले और ईरान के सख्त पलटवार के बाद से दुनिया ही बदल गई है। इस जंग में ईरान ने जहां अपनी साख प्राप्त की है वहीं अमेरिका और इस्राइल ने अपनी साख खो दी है। ईरान ने अरब देशों में मौजूद अमेरिकी फौजी अड्डों को उड़ा दिया। इसी के बाद से इस्लामी मुल्कों ने अपनी सुरक्षा खुद करने का बीड़ा उठाया है। इसी के तहत शुक्रवार को मुसलमानों के सबसे पवित्र शहर मक्का की मस्जिद-ए-हरम में सऊदी अऱब, तुर्किए और पाकिस्तान ने मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर दस्तखत किए हैं। यह नाटो जैसा ही है।

इस्राइल और अमेरिका से युद्ध के दौरान भी इरान ने अरब देशों के लिए बहुत संयम दिखाया है। ईरान ने उन्हीं देशों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं जिन देशों ने उनके देश पर हमले में अमेरिका का सहयोग किया है। इसीलिए ईरान के सबसे ज्यादा हमले कुवैत, बहरीन और यूएई पर हुए हैं। इसके अलावा अन्य देशों में तो ईरान ने सिर्फ अमेरिका के सैन्य अड्डों को ही निशाना बनाकर तहस-नहस किया है। इसकी वजह से अमेरिका को अपनी फौज उन देशों से बुलानी पड़ी है। इसी कारण से अऱब देशों ने अमेरिका पर भरोसा भी छोड़ दिया है। उसकी एक वजह यह है कि अमेरिका अऱब देशों की सुरक्षा नहीं कर सकता और दूसरी वह इस्राइल की सरपरस्ती को नहीं छोड़ सकता है। पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका की जंग रोकने के लिए काफी प्रयास किया। उसके साथ कतर, और सऊदी अरब भी थे उनकी कोशिश से फ्रांस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दस्तखत भी किए। दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति ने भी दस्तखत किए लेकिन स्टेट ऑफ होर्मुज पर ईरान ने अपना अधिकार नहीं छोड़ा दो ट्रंप ने सीजफायर तोड़कर ईरान पर फिर हमले कर दिए। ईरान ने भी ताबड़-तोड़ हमले कर अमेरिका और इस्राइल की हवा खराब कर दी।

एक तरह से ईरान ही इस्लामिक मुल्कों का एक सुपरपॉवर बनकर उभरा है। जिस तरह से सऊदी अऱब, तुक्रिए, पाकिस्तान ने सुरक्षा समझौता किया है उसके दूरगामी परिणाम भी सामने आएंगे। अभी तो इसमें तीन देश ही शामिल हुए हैं। आगे आने वाले दिनों में इसमें कतर, ईरान, इऱाक, मिस्र, जार्डन, ओमान आदि देश भी शामिल हो सकते हैं। मक्का में तुर्किए के राष्ट्रपति रजब अर्दोगान, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मक्का ज्वाइंय डिफेंस एग्रीमेंट पर दस्तखत किए हैं। इस तरह का समझौता पहले सऊदी अरब और पाकिस्तान कर चुके हैं।

इसका मकसद है कि अगर तीनों में से किसी भी एक देश पर किसी दूसरे देश ने हमला किया तो तीनों देशों की सेना जंग करेंगी। एग्रीमेंट के अनुसार किसी भी देश पर हमला उसके देश पर हमला माना जाएगा। तीनों देशों में सबसे ज्यादा शक्तिशाली देश तुर्किए है। इसके बाद पाकिस्तान परमाणु संपन्न देश आता है। उसके बाद सऊदी अरब है। इन देशों में सबसे अमीर देश सऊदी अरब है। सऊदी अरब तुर्किए को ड्रोन और फाइटर जेट बनाने में वित्तीय सहायता करेगा। इसके बाद अमेरिका पर भी यह देश ईरान से जंगबंदी पर दबाव डालेंगे। कुवैत ने भी पाकिस्तान से सुरक्षा समझौता किया है। इसी तरह का समझौता कतर ने भी पाकिस्तान के साथ किया है। अब देखना होगा कि सुरक्षा समझौतों पर रूस और चीन की क्या प्रतिक्रिया रहती है? इस सुरक्षा समझौते का असर इस्राइल पर भी पड़ेगा।

सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि यह किसी भी देश या समूह के खिलाफ नहीं है और न ही परमाणु हथियारों या हथियारों की होड़ से जुड़ा है। पाकिस्तान हमारा भी पड़ोसी मुक्ल है। उससे हमारे देश के संबंध भी अच्छे नहीं हैं। इस एग्रीमेंट का असर हमारे देश पर भी पड़ सकता है लेकिन अभी तक विदेश मंत्रालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

ASIF HUSAIN

ASIF HUSAIN EDITOR मैंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में परास्नातक (मास्टर) करने के बाद ट्रांसलेशन में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। 1997-98 में राष्ट्रीय सहारा में ट्रेनिंग की। इसके बाद 1998 में अमर उजाला कानपुर में ज्वाइन किया। अमर उजाला में कानपुर में रिपोर्टिंग की। गाजीपुर, चंदौली, भदोही, इटावा में ब्यूरोचीफ के पद पर रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में संभल डेस्क प्रभारी रहा। झांसी में देहात डेस्क प्रभारी रहा। साथ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग की। 2023-24 में अमर उजाला में सीनियर सब एडिटर पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया। इसके बाद अपना यूट्यूब चैनल ‘ब्रिलियंट टाइम’ नाम से बनाया। वीकली अखबार भी इसी नाम से निकाला। ‘द्वाबा सम्राट हिंदी दैनिक’ में देश और विदेश पर लेख लिखे। वर्तमान में हिंदुस्तान संदेश से बतौर एडिटर जुड़ा हूं।

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