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लखनऊ : योगी सरकार एक से अधिक बेटियों वाले परिवारों को देने जा रही है बड़ा तोहफा

एक बेटी की फीस होगी माफ़

लखनऊ । यूपी में अब एक बड़ी शुरुआत होने जा रही है। जिनके सामने कहीं ना कहीं आर्थिक संकट बना रहता है। अब ऐसे परिवारों को अपनी बेटियों को पढ़ने में कोई समस्या नहीं आएगी।‌दो बेटियों में से एक बेटी की जिम्मेदारी सरकार निभाने जा रही है। कक्षा 12 तक पढ़ाई करने वाली बेटियों में से एक बेटी की फीस अब जल्द ही माफ़ हो जाएगी। योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही ऐतिहासिक फैसला ले सकती है। कयास तो ये भी लगाए जा रहे हैं कि इसी महीने में शासनादेश किसी भी दिन जारी हो सकता है। इस फैसले से ऐसे परिवारों की बेटियों को पढ़ाई करके बुलंदियां छूने में बहुत आसानी होगी।जो कि आगे बढ़ना चाहती हैं और पढ़ना चाहती हैं। उन माता-पिता के लिए बेहद ही उपयोगी साबित होने जा रही है,जिनकी दो बेटियां हैं। आर्थिक रूप से कमज़ोर होने से परिवार अपनी बेटियों को अच्छी तरह शिक्षा दिलाने में समस्या महसूस करते हैं।माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज द्वारा यूपी के चुनिंदा मंडल के संयुक्त निदेशकों के माध्यम से मंडल मुख्यालय के जिले के DIOS से ऐसे परिवारों का डेटा भी मांगा गया है। जिनके परिवार में दो बेटियां हैं।ऐसी बेटियों में से एक बेटी की शत-प्रतिशत फीस माफी अब सरकार करने जा रही है। ऐसा सिर्फ यूपी बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों के लिए ही नहीं बल्कि,फिर चाहे जो बोर्ड हो यानी सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में भी अगर एक ही परिवार की दो बेटियां पढ़ रही हैं। तो उनमें से एक की पूरी की पूरी ट्यूशन फीस को सरकार माफ़ कर देगी। इसकी भरपाई सरकार खुद करेगी अन्यथा स्कूल को प्रोत्साहित करके यह तरीका सरकार का होगा।

मेरठ मंडल के संयुक्त निदेशक ओंकार नाथ शुक्ला का कहना है कि प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ाने में यह सरकार की मनसा बेहद ही उपयोगी और कारगर सिद्ध होगी,इसको लेकर कुछ आवश्यक दिशा निर्देश प्रयागराज से मिले हैं। जिनको लेकर लगातार पालन किया जा रहा है। शासन स्तर से अमली जामा पहनाने को लेकर संबंधित जिलों के डीआईओएस को भी इस बारे में शीघ्र सर्वे करके ऐसे बच्चों को चिन्हित करने की जिम्मेदारी दी गई। जिनके परिवार में दो बेटियां हैं और वे शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज ऑफिस से इस बारे में कुछ मंडल मुख्यालयों के लिए एक पत्र भी जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि यदि शासन द्वारा निर्धारित आय सीमा से नीचे जीवन-यापन करने वाले किसी परिवार की एक से अधिक बच्चियां किसी विद्यालय, महाविद्यालय अथवा संस्था में अध्ययन कर रही हैं। तो दूसरी बच्ची का ट्यूशन फीस या तो संस्था को प्रोत्साहित करते हुए माफ़ करायी जायेगी या उसकी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जायेगी।इस बारे में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव के द्वारा मेरठ समेत प्रयागराज, सहारनपुर एवं लखनऊ के अन्तर्गत यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड के संचालित स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों द्वारा कक्षा- 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों से ली जाने वाली “ट्यूशन फीस” का विवरण भी शासन ने मांगा है। इस बारे में सम्पूर्ण डाटा के साथ माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि को विभाग की इस बारे में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में जानकारी देनी होगी। माध्यमिक शिक्षा परिषद के मेरठ मंडल के जॉइंट डायरेक्टर ओंकार नाथ शुक्ला का कहना है कि प्रदेश की बेटियों के लिए इससे बड़ा तोहफा और कोई नहीं हो सकता। अब से पहले इस तरह का पहले कोई आदेश शासन की तरफ से सीबीएसई या ICSE के लिए नहीं था। क्योंकि ऐसी परिवार की एक से अधिक बेटियों के अध्यनरत रहने की स्थिति में क्योंकि सरकार को प्रतिपूर्ति देनी है, इसलिए ऐसी सूचना मांगी गई है। ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है।यह जानकारी पूरे मंडल से उन्होंने मांगी है कि यह बताएं कि उनके जिले में ऐसे कितनी बेटियां हैं, जो कि इसके पात्रता के दायरे में आती हैं। इस बारे में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी करने वाले हैं। फिलहाल शासनादेश का इंतजार अभी किया जाएगा। किस तरह से इस योजना को धरातल पर उतर जाएगा। यह बात तो है कि सरकार अब जल्द ही एक से अधिक बेटियों के पढ़ाई के खर्च को कम करने के लिए प्रयास कर रही है।

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