कांग्रेसियों को राम मंदिर में दर्शन करने से रोका
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय औऱ सांसदों को होटलों में नजरबंद किया, विरोध में कांग्रेसियों ने सड़क पर भजन और हनुमान चालीसा पढ़ा, वकीलों की भी चेतावनी, चंदा चोरों की बढ़ी परेशानी
कानपुर/अयोध्या। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपनी पार्टी के सांसदों, विधायकों व अन्य वरिष्ठ सदस्यों को राम मंदिर में दर्शन करने से रोक दिया गया। पुलिस ने सभी को रास्तों में रोक लिया। अजय राय को होटल से ले जाकर गेस्ट हाउस में कैद कर दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेसियों ने सड़क पर ही बैठकर भजन गाना शुरू कर दिया। इस पर वहां पर भीड़ लग गई। गौरतलब है कि चंदा चोरी के बाद से विपक्षी दलों के साथ लोगों ने संघ और भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राम मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सोमवार की रात को ही अयोध्या पहुंच गए थे। वहां वह एक होटल में ठहरे थे। मंगलवार की सुबह पुलिस ने उनको होटल से बाहर नहीं निकलने दिया। इसके बाद उनको एक गोस्ट हाउस में ले जाकर कैद कर दिया गया। उनका कहना था कि पुलिस अपनी सुरक्षा में ले जाकर दर्शन करा दे। हम सब दर्शन कर लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने दर्शन पर भी रोक लगा दी है। चंदा चोरी पर भी उन्होंने संघ और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, सांसद संजय सिंह आदि दर्शन कर सकते हैं तो उन लोगों को क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है ?
इस पर कांग्रेस के बहराइच के जिलाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह, लालन कुमार, आर्यन मिश्रा, कुलदीप दिवाकर, शिवकांत जीतू आदि कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठ कर भजन और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। उधर, बार एसोसिएशन ने सोमवार को आम सभा में ऐलान किया है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा, राव तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ दें। इनके अयोध्या न छोड़ने पर बंद की चेतावनी दी है। इसके अलावा चंदा चोरों की पैरवी भी न करने का फैसला किया है।
मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाएः देवेंद्र
कानपुर। गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक व भाजपा नेता देवेंद्र प्रताप सिंह ने एक पत्र जारी कर कहा कि श्रीराम मंदिर का मुद्दा करोड़ों देशवासियों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। मंदिर के दान पात्र की चोरी से पूरा देश मर्माहत है। इससे हिंदू समाज की आस्था और विश्वास को ठेंस पहुंची है। मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के पदाधिकारी इसे रोकने में विफल रहे। चोरी की घटना की जानकारी पहले मिलने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इससे सभी की सत्य निष्ठा संदिग्ध लगती है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के पदाधिकारी पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं। सभी को बाहर का रास्ता दिखाया जाए। उन्होंने पत्र में ट्रस्ट में प्रभु राम के वंशजों को रखने, प्राणों की अहुति देने वालों के परिजनों को रखने औऱ जिन लोगों ने राम मंदिर आंदोलन चलाया उनके परिजनों को रखने का सुझाव दिया।



