मुंबई : अमेरिका-ईरान डील से शेयर बाजार में उछाल, मजबूत हुआ रूपया

मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच डील फाइनल होने से शेयर बाजार झूम उठा। कच्चे तेल में गिरावट से पूरे विश्व के बाजारों में तेजी आई। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी है। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स में 1,200 अंक से ज्यादा उछाल आई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी50 इंडेक्स भी 350 अंक चढ़ गया। अंतिम घंटे में इसमें कुछ सुस्ती आई।अंत में सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 231 अंक यानी 0.98 प्रतिशत ऊपर 23,853.90 अंक पर बंद हुआ। रुपया भी डॉलर के मुकाबले 0.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 94.71 पर बंद हुआ। पिछले सत्र में यह 95.11 अंक पर बंद हुआ था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 शेयर तेजी के साथ बंद हुए। ट्रेंट में सबसे ज्यादा 5.40 प्रतिशत तेजी आई। इसके अलावा इंडिगो,बजाज फिनसर्व,इटरनल,अल्ट्रा सीमेंट,मारुति,महिंद्रा एंड महिंद्रा,लार्सन एंड टुब्रो,बजाज फाइनेंस,टाइटन, इन्फोसिस और एचसीएल टेक में भी उल्लेखनीय तेजी रही। वहीं दूसरी ओर एनटीपीसी,आईसीआईसीआई बैंक,एशियन पेंट्स और सन फार्मा में गिरावट आई। निफ्टी में ट्रेंट,श्रीराम फाइनेंस और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में सबसे ज्यादा तेजी आई। ब्रॉडर मार्केट्स में निफ्टी मिडकैप में 1.29 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 1.11 प्रतिशत तेजी रही। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी रियल्टी में कारोबार के दौरान चार प्रतिशत तेजी आई।निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी ऑटो में भी तेजी रही। इस बीच निफ्टी फार्मा में गिरावट रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान शांति समझौते के लिए सहमत हो गया है,इससे पश्चिम एशिया में तीन महीने से अधिक समय से चला आ रहा युद्ध खत्म हो जाएगा और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पक्षों ने एकदूसरे के खिलाफ सैन्य अभियान तुरंत बंद करने की घोषणा की है। इससे कच्चे तेल की कीमत में आज भारी गिरावट आई है।ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में 5 प्रतिशत तक गिर गया था। अभी यह 5.10 प्रतिशत गिरावट के साथ 82.88 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.50 प्रतिशत गिरावट के साथ 80.21 डॉलर पर आ गया। तेल सस्ता होने से महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। इससे सेंट्रल बैंकों का ब्याज को लेकर रुख भी बदल सकता है,क्योंकि आने वाले दिनों में कई देशों के केंद्रीय बैंकों की मीटिंग होने वाली है।



