नई दिल्ली : अमेरिका-ईरान में समझौता,खुलेगा होर्मुज
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय के बाद आखिरकार शांति समझौते पर सहमति बन गई । समझौते का ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाने की बात कही है। विश्व के लिए जरूरी इस समुद्री रूट को फिर से खोले जाना है। अमेरिका और ईरान में समझौता होने के साथ ही अचानक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें क्रैश हो गई। इस खबर के बाद सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 प्रतिशत गिर गई। जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में 4.6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। अमेरिका और ईरान में शांति समझौता होना का संकेत पहले से ही मिल रहा था। कच्चे तेल का भाव फिसलता नजर आया था। अब ट्रंप ने जैसे ही डील डन होने का ऐलान किया तो इसकी कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। Brent Crude Price 4 प्रतिशत गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल पर, जबकि WTI Crude Price 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया,इसके अलावा Murban Crude Price भी 83 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है।सभी को बधाई।मैं इसके जरिए होर्मुज़ स्ट्रेट को बिना किसी रोक-टोक के खोलने और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने की मंजूरी देता हूं। ट्रंप ने आगे कहा कि दुनिया भर के जहाजों,अपने इंजन चालू करो,तेल की सप्लाई शुरू होने दो।ट्रंप ने यूएस-ईरान शांति समझौते का ये ऐलान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर अपने अकाउंट पर पोस्ट के जरिए किया। बता दें कि बीते माह 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया था। इसके बाद ईरान के पलटवार से पश्चिम एशिया में भीषण जंग की शुरुआत हो गई थी।होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के ईरान के फैसले ने विश्व में तेल-गैस का भारी संकट खड़ा कर दिया था।लंबे समय तक कच्चे तेल की कीमतें 100-115 डॉलर के दायरे में कारोबार करती नजर आई थीं और तमाम देशों में पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी तक के दाम बढ़े थे।अब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोला जाना विश्व के लिए बड़ी राहत की खबर है,हालांकि बीते कुछ दिनों से तेल का दाम 90 डॉलर के नीचे नजर आ रहा था।होर्मुज फिर से ओपन होने और तेल-गैस की सप्लाई सुचारु होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद जागी है, तो वहीं एलपीजी के दाम पर भी असर दिखेगा।



