लखनऊ : हर गरीब व पात्र व्यक्ति को मिलेगा पक्का मकान- डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, सात कालिदास मार्ग से,माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी की अध्यक्षता एवं माननीय केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी जी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 12 राज्यों के लिए रू 10,021 करोड़ की मदर सैंक्शन जारी होने के उपलक्ष्य में ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार द्वारा गुरूवार को आयोजित वर्चुअल बैठक में सम्मिलित हुये। बैठक मे प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग श्री सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग श्री गौरी शंकर प्रियदर्शी, उपायुक्त श्री अखिलेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नई दिल्ली से वर्चुवल बैठक मे शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण के बारे मे विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि यह यह योजना देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व मे वर्ष 2016 मे प्रारम्भ हुयी थी। अब तक लगभग 4 करोड़ 15 लाख आवासो का लक्ष्य आवंटित हुआ, 3 करोड़ 91 लाख आवासो की मंजूरी दी गयी और 3 करोड़ 5 लाख पक्के मकान गरीब पात्र लोगो के बन गये हैं।इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 12 राज्यों के लिए रू 10,021 करोड़ की दूसरी मदर सैंक्शन जारी किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य सहित अन्य राज्यो के वर्चुवल रूप से जुड़े ग्रामीण विकास मन्त्रियो का स्वागत करते हुये कहा कि हम मा0 प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व मे गरीबो को न केवल पक्के मकान दे रहे हैं, बल्कि उनके घर तक सड़क, घर तक नल से जल, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस, बिजली, शौचालय आदि का लाभ भी दे रहे है। कहा कि हम पूरी पारदर्शिता के साथ लक्ष्य पूर्ति की ओर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य बधाई के पात्र है, जो समय पर कार्य पूर्ण कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूहो की बहनो को व राज मिस्त्रियो को प्रशिक्षण दिया गया है। 75 प्रतिशत से अधिक मकान बहनो को दिये गये है, इससे उनका आत्मसम्मान व स्वाभिमान बढ़ा है और वह समाज मे भी सम्मान पा रही हैं।उत्तर प्रदेश का नाम विशेष रूप उद्धत करते हुये उन्होंने कहा कि नये पात्र लोगो के मकान स्वीकृति की प्रक्रिया हम शीघ्र पूरी करने वाले है। श्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ चर्चा करके नये मकान देने का काम किया जायेगा। आज जिस धनराशि की स्वीकृति दी गयी है, वह पहले से बन रहे मकानो के लिए है।उन्होंने कहा कि जिन पात्र लोगो के पास मकान बनवाने के लिए भूमि नही है, उन्हे पट्टा आदि देकर भूमि की व्यवस्था करा दी जाय। उन्होंने कहा कि 5 जून को पर्यावरण दिवस है, अपने – अपने मकान के पास एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगायें, राष्ट्र की प्रगति के लिए सब लोग समन्वय बनाकर काम करते रहें,ताकि 2029 तक सबके लिए आवास का लक्ष्य हर हाल मे पूरा किया जा सके। हमारा लक्ष्य हर गरीब पात्र को पक्का मकान देना है।
वर्चुअल बैठक के उपरांत उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन को और अधिक गति, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाया जाए ताकि कोई भी पात्र गरीब परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे। श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण गरीबों के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन ला रही है तथा उत्तर प्रदेश इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की तर्ज पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत प्रति लाभार्थी दी जाने वाली सहायता राशि को वर्तमान रू1.20 लाख से बढ़ाकर रू 2.50 लाख किये जाने के संबंध में भारत सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा जाए तथा इसके औचित्य को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ हुई बैठकों में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं पर शीघ्र पत्राचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। श्री मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवास निर्माण की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाएं, जिससे पात्र लाभार्थियों को शीघ्र पक्के आवास उपलब्ध हो सकें।



