देवरिया : मा.शि. संघ के आह्वान पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन

असगर अली, ब्यूरो चीफ/देवरिया। जनपद में माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली, समान कार्य के लिए समान वेतन और वित्तविहीन शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय सहित विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई गई। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड के एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षकों को मिली सभी उपलब्धियां लंबे संघर्ष का परिणाम हैं। उन्होंने जोर दिया कि पुरानी पेंशन की लड़ाई अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। वर्ष 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विषय विशेषज्ञों को भी जल्द ही यह सुविधा मिलेगी। उन्होंने विधान परिषद में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग लगातार उठाने की बात कही। विधायक ने वित्तविहीन शिक्षकों को उनकी सेवा शर्तें तय करने और सम्मानजनक मानदेय देने की भी वकालत की।त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि शिक्षक, शिक्षा और शिक्षार्थी के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने शिक्षकों से आवश्यकता पड़ने पर ‘जेल भरो’ आंदोलन के लिए भी तैयार रहने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों को मिली सभी उपलब्धियां केवल संघर्ष से ही संभव हुई हैं। उन्होंने वेतन वितरण अधिनियम, चयन वेतनमान, पेंशन और वेतन आयोग की रिपोर्ट समय पर लागू कराने को संगठन की एकजुटता का परिणाम का परिणाम है। उन्हें ने यह भी कहा कि स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए संगठन पहले भी आंदोलन करता रहा है और भविष्य में भी संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश संयुक्त मंत्री अक्षय सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए देवरिया से लेकर लखनऊ तक आंदोलन करेंगे। जिलामंत्री विजय भारत सिंह ने नई पीढ़ी के शिक्षकों से संघर्ष में आगे आने का आह्वान किया। धरने में माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश सिंह, प्रदेश कार्य समिति के सदस्य व प्रधानाचार्य मुश्ताक अहमद,रवि प्रताप सिंह, राजेश कुमार शुक्ल, धनंजय, महेंद्र प्रसाद, जितेंद्र सिंह, नीरजा सिंह, विमलेश यादव, आशीष सरोज, प्रमोद कुमार, डॉ. सीमा, नवीन चंद्र शर्मा, घनश्याम सिंह, भगवान गुप्ता, उमेश पांडेय, डॉ. हरेंद्र मौर्य सहित हजारों शिक्षक मौजूद रहे।




