लखनऊ : अवैध धर्मांतरण पर छांगुर के सीरिया कनेक्शन
स्विस बैंक खातों की जांच , एटीएस ने कसा शिकंजा

अजीत पांडेय/लखनऊ । अवैध धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के सीरिया लिंक की जांच अभी बाकी है। साथ ही उसके विदेशी खातों की जांच होनी है। अवैध धर्मांतरण के आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के सीरिया लिंक की जांच अधूरी है। उसके करीबी नवीन रोहरा के स्विस बैंक खातों की जांच भी एटीएस पूरी नहीं कर सकी है। एटीएस ने छांगुर और उसके करीबियों पर कानूनी शिकंजा कसा है। नवीन रोहरा एक शिपिंग कंपनी से जुड़ा था, जिसके सीरिया निवासी मालिक की छानबीन बाकी है। इसी कंपनी के जरिये नवीन को करोड़ों रुपये मिले थे, जिससे छांगुर ने बलरामपुर में जमीनें खरीदीं। एसटीएफ की पिछली जांच में नवीन रोहरा के सीरिया की शिपिंग कंपनी से कनेक्शन और तीन स्विस बैंक खातों का पता चला। यह शिपिंग कंपनी महज मुखौटा थी। इसके जरिये नवीन के विदेशी बैंक खातों में भेजी गई रकम अवैध धर्मांतरण के लिए फंडिंग की ओर इशारा कर रही थी। नवीन रोहरा केवल सातवीं पास था, जिससे उसका करोड़ों रुपये कमाना शक के घेरे में आया। यह रकम कई खातों में रूट होकर स्विस बैंक खातों में भेजी गई। फिर इसे भारत मंगाकर जमीनें खरीदी गईं। एसटीएफ की जांच में 100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम खपाने के सुराग मिले। छांगुर मामले में ईडी ने नवीन की पत्नी नीतू रोहरा की 13.02 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया था। ईडी की जांच में सामने आया कि छांगुर और नवीन रोहरा ने संदिग्ध स्रोतों से करोड़ों रुपये हासिल किए। इसके लिए उन्होंने दुबई स्थित यूनाइटेड मरीन एफजेडई कंपनी के बैंक खातों का इस्तेमाल किया । 21.08 करोड़ रुपये नवीन रोहरा के भारतीय बैंकों के एनआरआई/एनआरओ खातों में मंगाए गए। इसी रकम से नीतू और छांगुर के नाम से जमीनें खरीदी गईं। आशंका जताई गई थी कि कुछ विदेशी इस्लामिक संगठनों ने नेपाल सीमा पर अपनी पैठ बनाने के लिए यह साजिश रची थी। नवीन रोहरा के सीरिया लिंक और स्विस बैंक खातों की जांच अभी भी अधूरी है। एटीएस को इन महत्वपूर्ण पहलुओं की तह तक पहुंचना बाकी है। यह जांच अवैध धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क को उजागर करने में सहायक होगी।



