भविष्य की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि एआई जैसी आधुनिक तकनीक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के संतुलित समन्वय में निहित- श्वेता

सनबीम स्कूल में ‘प्रोत्साहन’ का भव्य आयोजन
चन्दौली । दुलहीपुर स्थित सनबीम स्कूल मुगलसराय के हरित वृहद प्रांगण में दिनांक 6 से 7 अप्रैल तक द्वि – दिवसीय वार्षिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम ‘प्रोत्साहन’ का भव्य और आकर्षक आयोजन हुआ , जिसमें कक्षा नर्सरी से लेकर कक्षा 9 व 11 तक के होनहार विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षा के आधार पर विभिन्न विषयों के लिए ट्रॉफी व प्रमाण- पत्र देकर पुरस्कृत किया गया । कक्षावार परीक्षा में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप देकर उनका उत्साह वर्धन किया गया। जिसमें कक्षा नर्सरी से रौनक चतुर्वेदी, कक्षा के. जी.1 से ईशानवि कुमारी, कक्षा के. जी.2 से उन्नति यादव , कक्षा 1 से पार्थ प्रताप सिंह , कक्षा 2 से मानव सिंह व सान्वी चिरानिया, कक्षा 3 से यश्मिता कुमारी , कक्षा 4 से जैशवि यादव, कक्षा 5 से अथर्व सिंह, कक्षा 6 से प्रिन्स राज, कक्षा 7 से आरोही गुप्ता, कक्षा 8 से वैष्णवी तथा कक्षा 9 से समीर मौर्या पुरस्कृत हुए।

विद्यालय की निदेशिका व प्रधानाचार्या जी ने ‘अंगवस्त्र’ व ‘ पुस्तक’ भेंट कर अतिथियों का हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया । तत्पश्चात सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ गीत को अद्भुत स्वर-सामंजस्य और भावपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण ऊर्जा और उत्साह से भर उठा तथा दर्शक दीर्घा मंत्रमुग्ध हो उठे। इसी क्रम में छात्रों ने तबला और ड्रम का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिसके लयबद्ध तालमेल ने समस्त उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के इस अवसर पर डॉ. अनूप सिंह जी ने पुरस्कार प्रदान-कर छात्र-छात्राओं को बधाई दी। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा -कि सफलता का मार्ग केवल सपने देखने से नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर उसके प्रति समर्पण और निरंतर तैयारी से प्रशस्त होता है। जब विद्यार्थी केवल स्वप्न देखना ही नहीं, बल्कि गहराई से समझना और अवलोकन करना सीख जाते हैं, तभी वास्तविक शिक्षा का आरंभ होता है। वहीं इस अवसर पर प्रोफेसर मंजरी झुनझुनवाला जी ने कहा – कि प्रिय विद्यार्थियों ‘प्रोत्साहन’ केवल एक समारोह नहीं, बल्कि आपके परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास की पहचान है। आज जो सम्मान आपको मिला है, वह इस बात का प्रमाण है कि आपने अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी और समर्पण दिखाया है। याद रखिए, सफलता केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं होती, बल्कि निरंतर सीखने, समझने और स्वयं को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में निहित होती है।
वहीं इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका ने अपने संबोधन में कहा – कि भविष्य की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि एआई जैसी आधुनिक तकनीक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के संतुलित समन्वय में निहित है। किंतु इस डिजिटल युग में विद्यार्थियों की सुरक्षा और सही दिशा सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों की जागरूकता और जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर विद्यालय के सेक्रेटरी यदुराज कानूडिया और विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती श्वेता कानूडिया एवम् एडिशनल डायरेक्टर श्रीमती श्रुति अग्रवाल, प्रधानाचार्या श्रीमती सौमिता चटर्जी
, डीन यू.बी.रॉय, को-ऑर्डिनेटर राजेश सिन्हा, एकेडमिक हेड साधना सिंह तथा पैरेलल करिकुलम हेड श्रीमती गुंजन सिंह , मनीष पांडेय सहित सभी शिक्षक – शिक्षिकाएं उपस्थित थे।




