शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षक की पाती” कार्यक्रम

चन्दौली। शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षकों ने अपनी वेदना को शब्दों में व्यक्त करते हुए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर “शिक्षक की पाती” कार्यक्रम के तहत जिले के शिक्षकों ने देश के प्रमुख संवैधानिक पदों पर आसीन नेताओं को शनिवार से पोस्ट कार्ड भेजना शुरू किया।
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में शिक्षक “मैं” की भावना को त्यागकर “हम” की सामूहिक भावना को आत्मसात करते हुए अपनी बात रख रहे हैं। साथ ही “सेवा परमो धर्म” के सिद्धांत को अपनाते हुए शिक्षक समाज अपनी समस्याओं और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसके तहत भारत के राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पोस्ट कार्ड भेजे जा रहे हैं। इसके माध्यम से शिक्षक अपनी समस्याओं और टीईटी से जुड़ी मांगों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने शिक्षकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पोस्ट कार्ड भेजकर इस अभियान को सफल बनाएं। साथ ही अन्य साथियों को भी “शिक्षक की पाती” कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक एकजुट होकर कार्य करते हैं तो निश्चित रूप से उनके प्रयास सफल होते हैं। महासंघ के सभी घटक संगठनों के पदाधिकारियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। इस मौके पर राम इच्छा सिंह, उपेंद्र बहादुर सिंह, संजय यादव, देवेंद्र प्रताप सिंह, कन्हैया लाल गुप्ता, शशि कांत गुप्ता, नरेंद्र प्रताप सिंह, हरेंद्र सिंह, धीरेंद्र विक्रम सिंह, बलिराम पाठक, अजीत सिंह, बलिराम, डॉ सत्य प्रकाश यादव, विकास यादव, श्रवण कुमार गोंड, अमित पांडेय, आनंद नारायण मिश्र, नीठोहर सत्यार्थी, गिरिजेश दादा, नवीन कुमार सिंह, धनंजय, प्रीतेश, भानु सिंह, दुर्गेश सिंह, वकील आदि मौजूद रहे।




