Slide 1
Slide 1
ब्रेकिंग न्यूज़विदेश

International News भारत-नेपाल कल्चरल फेस्टः 2 देशों की समृद्ध कला-संस्कृति का संगम

काठमांडू। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट और लुंबिनी बुद्धिस्ट यूनिवर्सिटी के सहयोग से भारत-नेपाल सांस्कृतिक महोत्सव का तृतीय संस्करण आयोजित किया। 8 दिसंबर को आयोजित इस फेस्ट में भारत और नेपाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं का उत्सव मनाया गया, जिसमें विशेष रूप से बौद्ध सभ्यता पर केंद्रित कार्यक्रम शामिल रहे। कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन सोमवार को लुंबिनी प्रदेश के राज्यपाल कृष्ण बहादुर घर्ती, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (उत्तर) मनु महावर, लुंबिनी विकास कोष के उपाध्यक्ष डॉ. ल्हार्क्याल लामा तथा भारतीय दूतावास के उप मिशन प्रमुख डॉ. राकेश पांडे द्वारा किया गया। भारतीय दूतावास के मुताबिक समारोह में नागरिक समाज, शिक्षाविदों, वरिष्ठ भिक्षुओं तथा लुंबिनी विकास कोष के सदस्यों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें भारत और नेपाल के प्रतिष्ठित कलाकारों ने प्रस्तुति दी। छह सदस्यीय आईसीसीआर दल, जिसका नेतृत्व संध्या कुंजन मेनन दास ने किया, ने बौद्ध विषय पर आधारित ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया। इसके अलावा, नेपाली बैंड ‘घुगु मुगु’ द्वारा पारंपरिक संगीत प्रस्तुति भी दी गई।दूतावास ने बताया कि इससे पहले लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय में “भारत–नेपाल बौद्ध विरासत: एक साझा धरोहर” शीर्षक से एक शैक्षणिक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया था। इसमें भारत और नेपाल के प्रमुख बौद्ध विद्वानों ने भाग लिया और बौद्ध विरासत के महत्व पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इस साझा धरोहर की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने और जन–स्तरीय संपर्क को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण है। बता दें कि भारत और नेपाल प्राचीन काल से ही सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं और दोनों देशों में लोगों से लोगों के बीच सुदृढ़ सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम दोनों पड़ोसी मित्र राष्ट्रों के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को पुनः रेखांकित करते हैं, जिसका द्विपक्षीय संबंधों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button