सोनभद्र:अवैध खनन को मिल रहा अधिकारियों का संरक्षण, मजदूरों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं

उत्तर प्रदेश सरकार से अपील, खनन क्षेत्रों में रुह कंपाने वाली हैवी ब्लास्टिंग से जन जीवन अस्त-व्यस्त
राकेश चंदेल
हिन्दुस्तान संदेश /सोनभद्र। जनपद के खनन उद्योग का हाल बद से बदतर हालात में पहुंचता नजर आ रहा है। खनन क्षेत्र में न तो मानक के अनुरूप कार्य हो रहा है और न ही खनन क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा सेफ्टी का ही ध्यान रखा जा रहा है। परिणाम यह है कि खनन क्षेत्र में आए दिन मजदूरों के मौत की खबर मिलती रहती है। जिले का बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र खनन उत्पादन के लिए जाना जाता है जहां काफी संख्या में क्रेशर प्लांट संचालित हैं। इन्हीं क्रेशर प्लांटों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता इस पास के पहाड़ों को तोड़कर कराई जाती है। पहाड़ों से पत्थर निकालने के लिए सरकार द्वारा मानक तय किए गए हैं, ताकि हमारे पर्यावरण को नुक़सान न हो और साथ ही इसमें कार्य कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गाइड लाइन जारी की गई जिससे मजदूरों की जान का जोखिम न रहे। परन्तु सख्ती के बावजूद भी खनन माफिया बेखौफ दिन-रात खनन कर रहे हैं। खनन क्षेत्र के आराजी संख्या 941ख की खदान मौत की पहाड़ी बन चुकी है, इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रशासनिक अमले को कोई फिक्र नहीं है। आलम यह है कि सैकड़ों फीट से ज्यादा उंचाई पर कार्य कर रहे मजदूरो के पास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे है। जबकि खान सुरक्षा निदेशालय के नियमों के अनुसार खदान में कार्य करने लिए मजदूरों को सुरक्षा उपकरणों के अभाव में किसी भी हाल में काम नहीं कराया जा सकता है, लेकिन यहां का आलम यह है कि सुरक्षा उपकरणों की ठीक से जानकारी अप्रशिक्षित सुपरवाईजरों तक को नहीं है। अवैध खननकर्ता सारे नियमों को ताक पर रखकर खनन करने से बाज नहीं आ रहे है। बता दें कि बिल्ली-मारकुंडी के ओबरा तहसील स्थित अराजी संख्या 4949 ख, में० अजन्ता माइंस एंड मिनिरल्स खनन पट्टे का क्षेत्रफल 5.880 हेक्टेयर पार्टनर विजय कुमार खनिज का नाम गिट्टी बोल्डर ( बोलो स्टोन) में मानक के विपरीत खनन कार्य किया जा रहा है। यही नहीं इस खनन क्षेत्र में रात दिन बराबर बिना सुरक्षा मानकों व उपकरणों के कार्य कराए जाने से कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। हालांकि अवैध खनन को लेकर स्थानीय लोगों ने खनन की शिकायत हैवी ब्लास्टिंग कों लेकर पहले भी कर चुके हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार आधा दर्जन पोकलेन मशीनों से खनन क्षेत्र से हटकर भी खनन कार्य किया जा रहा है। बिना बेंच बनाए इस गहरी खदान में नियम के विपरीत हो रहे खनन कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। इसी तरह सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती रही तो कभी भी बड़ी घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कुछ समय के लिए खदानों को बंद कर दिया जाता है, लेकिन अधिकारियों की मदद से व खननकर्ताओं के दबाव में उसे फिर चालू कर दिया जाता है। लोगों ने खनन व्यवसाय में फल फूल रहे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच कार्रवाई की जाएगी….
अवैध खनन के मामले में वरिष्ठ खान अधिकारी कमल कश्यप सीयूजी नंबर पर जानकारी हासिल नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं रखा जा सका। वहीं दूसरी ओर एसडीएम ओबरा विवेक सिंह का कहना है कि जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। अभी हाल में ही राधे राधे खनन पट्टे की शिकायत बराबर सामने आ रही थी, जांच कर कार्रवाई करते हुए बंद करा दिया गया है।




