Slide 1
Slide 1
देशधर्म प्रयागराजब्रेकिंग न्यूज़

जर्मनी भेजा गया संगम त्रिवेणी का एक हजार बॉटल गंगा जल

महाकुम्भ के दिव्य और भव्य आयोजन के बाद त्रिवेणी के पावन जल की देश के बाहर विदेशों से आई  डिमांड

प्रयागराज :  प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने  त्रिवेणी संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इस  त्रिवेणी के पावन जल की डुबकी से कोई छूट न जाय इसके लिए  योगी सरकार ने अग्नि शमन विभाग की तरफ से प्रदेश के सभी 75 जिलों में  त्रिवेणी पवित्र जल पहुंचाया। अब इसी त्रिवेणी के जल की मांग विदेशों से भी आनी शुरू हो गई है। इसकी पहली खेप प्रयागराज से भेज भी दी गई है। 

उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के समापन के बाद  प्रदेश के सभी जिलों में संगम के जल को महा प्रसाद  रूप में पहुंचाने का निर्णय लिया था जो किसी कारण वश यहां महा कुम्भ में आने से वंचित रह गए। लेकिन अब देश के बाहर भी यही पवित्र गंगा जल भेजने की मांग आई है जिसकी पहली खेप भी प्रयागराज से भेज दी गई है।  प्रयागराज के एन आर एल एम उपायुक्त राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि जनपद की 

जसरा की  नारी शक्ति महिला प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति की तरफ  से त्रिवेणी के गंगा जल की आपूर्ति की जा रही है। इसी क्रम में कांच की 1000 बोतल में त्रिवेणी का पवित्र गंगा जल यहां से जर्मनी भेजा गया है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी के माध्यम से यह जल विदेश भेजा गया है। जर्मनी से जो श्रद्धालु किसी कारण वश महाकुम्भ नहीं पहुंच  सके उनके लिए यह त्रिवेणी का जल भेजा गया है। 

  प्रदेश सरकार द्वारा महाकुम्भ के दिव्य और भव्य आयोजन के समय ही जनपद में बड़े स्तर त्रिवेणी के गंगा जल की पैकेजिंग की शुरुआत महिला स्वयं सहायता समूह की तरफ से हो गई थी। जसरा की नारी शक्ति महिला प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति की प्रभारी नमिता सिंह बताती हैं कि महाकुम्भ के आयोजन के बाद अब तक 50 हजार से अधिक बोतल में पैक किया हुआ गंगा जल स्वयं सहायता समूह की उनकी महिलाओं द्वारा भेजा चुका है। हाल ही में उन्होंने नागपुर के शिव शंभू ग्रुप सोसायटी को 50 हजार बोतल त्रिवेणी का जल भेजा है। 500 एम एल की बोतल में यह गंगा जल भेजा गया है। जबकि जर्मनी जो गंगा जल भेजा गया था वह 250 एम एल की बोतल में था। 

यूपी के सभी 75 जिलों में अग्नि शमन विभाग की तरफ से त्रिवेणी का पावन जल पहले ही पहुंचाया जा चुका है। यह सिलसिला अभी संपन्न चल ही रहा  था कि नॉर्थ ईस्ट में असम से निजी टैंकर लेकर परम शिवम शिव मंदिर योगाश्रम, गुवाहाटी के संत राजा रामदास त्रिवेणी संगम पहुंचे थे । सीएफओ प्रमोद शर्मा का कहना है कि राजा रामदास जी ने टैंकर में गंगा जल भरवाने में विभाग का सहयोग मांगा और उनके विभाग ने उनके टैंकरों में जल भरकर उन्हें यहां से असम के लिए रवाना कर दिया गया था ।

Ashok Mishra

Chief editor मैंने पॉलिटिकल साइंस व पत्रकारिता के परास्नातक (मास्टर डिग्री) करने के बाद 1996 में लखनऊ दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद जनसत्ता एक्सप्रेस, लोकमत समाचार व स्वदेश जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र में काम करने का मौका मिला। प्रिंट मीडिया में ब्यूरो प्रमुख व संपादक का दायित्व निभाने के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडया में प्राइम न्यूज़ में ब्यूरो प्रमुख व नेशनल वॉइस चैनल में संपादक के दायित्व का निर्वहन किया। करीब 25 वर्ष से उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय से मान्यता प्राप्त पत्रकार है। गत चार वर्ष से दैनिक एक संदेश व यूनाइटेड भारत में समूह संपादक की जिम्मेदारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button