गाजीपुर : हम परिवार के साथ देश व राष्ट्र को मजबूत बनाये- प्रभात

गाजीपुर।ताजपुर स्थित मैरिज हाल में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विचार रखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक प्रभात कुमार ने कहा कि हिंदू वही है जो दूसरे को हीन भावना से नहीं देखा है। आज हिंदुओं की संस्कृति को मिटाने के लिए हिन्दू धर्म पर तरह-तरह के चोट किया जा रहे हैं इससे हर हिंदू को सजग रहने की आवश्यकता है। सम्मेलन का संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे ऋषि मुनियों हमारे पूर्वजों ने हमारे इस संस्कृति विरासत के रूप में हमें दिया है। हम अपने आने वाली पीढ़ी को अपने संस्कृति, अपनी सभ्यता, अपने धर्म को सही रूप में हस्तांतरित करें या हम सब का दायित्व है।आज समाज में हिंदू कोई भी कार्यक्रम करता है तो दूसरे मतावलंबी, धर्मावलंबी द्वारा यह दुष्प्रचार प्रचार किया जाता है कि हिंदू का कार्यक्रम दूसरे को नीचा दिखाने के लिए परेशान करने के लिए किया जा रहा है। लेकिन ऐसा है नहीं हिंदू की दृष्टि सर्वे भवंति सुखना सर्वे संतु निरामया की होती है। हिंदू सभी को व्यापक रूप में देखा है। धर्म की जय हो और अधर्म का नाश हो का उद्घोष हिन्दू करता है, किसी धर्म और व्यक्ति का नहीं। हिंदू अपने सुख की और कल्याण की कामना नहीं करता वह संपूर्ण विश्व के जीव के कल्याण की कामना करता है।
हमें अपने आराध्य के रूप में भगवान श्री राम की पूजा करते हैं जिनकी दृष्टि सभी जीवो के प्रति एक समान रही है। विश्व के सभी लोग यह जानते हैं कि हिंदूओं को जीत पाना मुश्किल है, इसलिए आज हमारे संस्कृति पर कुठाराघात किया जा रहा है।इससे सभी हिंदू को सजग रहने की आवश्यकता है। हम सबका यह दायित्व है कि हम अपना परिवार के साथ साथ अपने देश- राष्ट्र को मजबूत बनाएं। डॉक्टर हेडगेवार द्वारा मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद हिंदुओं को जागृत करने के लिए उन्हें एकत्रित करने के लिए इस संगठन का निर्माण किया गया। जिसके तहत हम आज यह हिंदू सम्मेलन कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत त्रिवेणी दास तथा संचालन सह खंड कारवां रितेश ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से स्वदेशी जागरण मंच के सह प्रांत प्रमुख कृपा शंकर सिंह, खंड कारवां प्रवीण राय, प्रधान प्रतिनिधि पृथ्वी सिंह मंडल अध्यक्ष विपिन बिहारी सिंह, जिला पर्यावरण प्रमुख अवधेश सिंह, रुद्र प्रताप सिंह अंकित, दिनेश सिंह, विक्की तिवारी, रामविलास सिंह यादव नथुनी सिंह आदि रहे।




