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क्राइम

गाजीपुर : जसदेवपुर गोलीकांड के तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

दो आरोपितों के पैर में लगी गोली, अपराधियों को शरण देने के आरोप में एक अन्य गिरफ्तार

त्रिलोकी नाथ राय /भांवरकोल  (गाजीपुर)।  जसदेवपुर मोड़ के पास 13 अक्टूबर की शाम शराब की दुकान के निकट हुए गोलीकांड में वांछित तीन आरोपितों को पुलिस ने रविवार सुबह अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आशुतोष राय उर्फ बिट्टू और उसके छोटे भाई सर्वेश राय उर्फ सिट्टू के पैर में गोली लगी। दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने एक के पास  से  देसी तमंचा  एक कारतूस तथा सवेऀश के पास  हत्या में  प्रयुक्त .32 की पिस्टल  बरामद करने का दावा किया है। वहीं, आरोपितों को शरण देने के आरोप में मसोन निवासी शशिकांत पांडेय को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सुखडेहरा निवासी आशुतोष राय उर्फ बिट्टू और विवेचना के दौरान प्रकाश में आए गोड़ी खास निवासी उपेंद्र राय को जसदेवपुर मोड़-सुखडेहरा मार्ग पर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। वहीं, आशुतोष के छोटे भाई सर्वेश राय उर्फ सिट्टू को वीरपुर गंगा घाट मार्ग पर मिशन स्कूल डिग्घा के पास हुई मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।  आशुतोष के बाएं पैर और सर्वेश के दाहिने पैर में गोली लगी है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार पांन्डेय ने बताया कि सवेऀश के पास .32 के पास हत्या में प्रयुक्त पिस्टल एवं उसके शरणदाता शशिकांत पांन्डेय को गिरफ्तार किया गया है। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर की शाम जसदेवपुर मोड़ के पास शराब की दुकान के निकट मामूली विवाद में गोली लगने से सीआईएसएफ जवान राघवेश सिंह यादव और उनके चचेरे भाई पंकज यादव घायल हो गए थे। इस मामले में राकेश सिंह यादव की तहरीर पर सुखडेहरा निवासी आशुतोष राय उर्फ बिट्टू, उसके सगे भाई सर्वेश राय उर्फ सिट्टू तथा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान गोड़ी खास निवासी उपेंद्र राय का नाम भी सामने आया था। पुलिस तीनों आरोपितों की तलाश में जुटी थी। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सुधाकर पांडेय ने  मुठभेड़ और गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार  दो सगे भाई थाने के हिस्सीटर हैं । उन्होंने बताया कि शासन के मंशा के अनुरूप अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अपराध पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस जीरो टॉलरेंस की निति पर कार्य कर रही है।

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