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धर्म

अयोध्या ‌: दीपोत्सव पर रोशनी और फूलों से सजेगी रामनगरी

अयोध्या। दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट और जगमगाते मार्गों के बीच रामनगरी अयोध्या एक बार फिर त्रेता युग जैसी भव्यता का एहसास कराने के लिए तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव-2026 को यादगार बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर निगम की ओर से घाटों, रामपथ, प्रमुख चौराहों और मेला क्षेत्रों में रोशनी, सजावट, स्वच्छता और जनसुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। सात नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दीपोत्सव के अवसर पर नगर क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर सजावटी लाइटिंग और झालरें लगाई जा रही हैं। रामपथ पर स्थित भवनों और पोलों पर स्ट्रिप लाइटिंग की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग के नाका, देवकाली, महोबरा और बूथ नंबर चार सहित अंडरपास पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों और ब्लैक स्पॉट पर भी रोशनी और सजावट का काम शुरू हो गया है। रामपथ सहित प्रमुख मार्गों पर पेड़ों को भी सजाया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गेट नंबर-11 से लता मंगेशकर चौक तक रामपथ की दोनों ओर की रेलिंग पर फूलों से सजावट की जाएगी। अयोध्या धाम के प्रमुख चौराहों और स्थानों को फूलों तथा कपड़ों से सजाने की तैयारी है, जिससे पूरी रामनगरी उत्सव के रंग में नजर आएगी। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि बस स्टेशन, धर्मशाला, रेस्तरां, होमस्टे, रेलवे स्टेशन और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर उत्कृष्ट सफाई सुनिश्चित की जाएगी। फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रवर्तन दल सक्रिय हैं। आवारा गोवंश और छुट्टा पशुओं की रोकथाम के लिए टीमें गठित की गई हैं, जो उन्हें पकड़कर गोशाला भेजेंगी। सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अयोध्या धाम के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के अलावा प्रमुख स्थलों पर केयरटेकर सहित 30 मोबाइल टॉयलेट लगाए जाएंगे। नगर निगम सीमा में 471 बायो शौचालय स्थापित हैं, जहां निःशुल्क प्रसाधन सुविधा उपलब्ध है। पेयजल व्यवस्था के तहत नगर निगम सीमा में 85 वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें 48 अयोध्या धाम और 37 अयोध्या कैंट में हैं। इसके अलावा कुल 25 वाटर कियोस्क हैं, जिनमें 18 धाम क्षेत्र और सात कैंट क्षेत्र में स्थित हैं। जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थलों पर वाटर टैंकर भी लगाए जाएंगे। दीपोत्सव-2026 के दौरान सभी प्रस्तावित घाटों पर लगभग 33 लाख दीये जलाए जाने का अनुमान है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद घाटों को स्वच्छ बनाने के लिए रात में ही सफाई शुरू कराई जाएगी। इसके लिए करीब 792 सफाई मित्रों की व्यवस्था की जाएगी, जो दीये उठाने और घाटों की सफाई का काम करेंगे। राम की पैड़ी पर बालू का छिड़काव कर घाटों को साफ रखने की व्यवस्था की जाएगी। बेहतर सफाई के लिए प्रेशर वॉशर और स्क्रबर प्रेशर वॉशर जैसे आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आयोजन के बाद भी घाटों की स्वच्छता बनी रहे । नगर निगम सीमा में नियमित सफाई कराई जा रही है, जिसकी वरिष्ठ अधिकारी निगरानी कर रहे हैं।

अयोध्या धाम के सभी मेला क्षेत्रों में 24 घंटे सफाई की व्यवस्था रहेगी। दीपोत्सव के दौरान कूड़ा प्रबंधन के लिए 55 वाहनों के माध्यम से सफाई सुनिश्चित की जाएगी।पूरे नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए पॉलीथिन मुक्त अभियान भी चलाया जा रहा है। जन-जागरूकता के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीए सिस्टम) और वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम (वीएमएस) के माध्यम से स्वच्छता बनाए रखने तथा पॉलीथीन का इस्तेमाल न करने के संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं । महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दीपोत्सव-2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए नगर निगम की टीम दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 33 लाख दीयों की रोशनी के साथ सफाई, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि अयोध्या आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का अनुभव यादगार बने।

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