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वाराणसी

वाराणसी : अब बुजुर्गों की नहीं, युवाओं की पसंद बनी खादी!


गांघी जयंती पर खास ऑफर, डेनिम-जैकेट से हर्बल प्रोडक्ट्स तक रेंज उपलब्ध

सिगरा गांधी आश्रम में  खादी प्रेमियों की उमड़ी भीड़

सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी। कभी खुरदुरे कपड़े और बुजुर्गों की पसंद के तौर पर पहचानी जाने वाली खादी अब बदलते दौर के साथ अपना रंग-रूप बदल रही है। आधुनिक डिजाइन, रंगों की नई रेंज और फैशनेबल कलेक्शन के साथ खादी अब युवाओं और महिलाओं को भी आकर्षित कर रही है। गांधी जयंती के अवसर पर खादी आश्रम ने ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर शुरू किया है। 2 अक्टूबर से 30 मार्च तक खादी के कपड़ों और विभिन्न उत्पादों पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इसी कड़ी में गांधी जयंती के अवसर (Gandhi Jayanti) पर शुक्रवार को वाराणसी के सिगरा स्थित शास्त्री नगर के क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम खादी भंडार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां ग्राहकों के लिए 30 प्रतिशत विशेष छूट की घोषणा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी पहुंचे। उनके साथ संस्था के संरक्षक कैलाश मिश्र अध्यक्ष राम प्रवेश सिंह और मंत्री श्रीप्रकाश पांडेय कार्यक्रम सयोजक संतोष कुमार मिश्र एवं ट्रस्टी सदस्य पंकज कुमार राय तथा पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इसके अलावा कार्यकर्ता सचिन, रोहित सिंह, रोहित खरवार, परदेशी, दिनेश वर्मा और अशोक सिंह की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम  के दौरान सफेद कपड़े और गांधी टोपी पहने विधायक नीलकंठ तिवारी ने चरखा चलाया।
उन्होंने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन और उनके विचारों को याद करते हुए खादी के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही लोगों को खादी वस्त्र और खादी उत्पादों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया। वाराणसी गांधी आश्रम के मंत्री श्रीप्रकाश पांडेय ने बताया कि गांधी जयंती  के अवसर पर हर साल ग्राहकों के लिए विशेष छूट दी जाती है। इस वर्ष भी 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस ऑफर का लाभ हर साल बड़ी संख्या में ग्राहक उठाते हैं और छूट की अवधि में बिक्री में भी कई गुना बढ़ोतरी देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में आउटलेट की बिक्री करीब 4 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस साल बिक्री को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। पांडेय ने कहा कि मौजूदा बिक्री को देखते हुए इस लक्ष्य को पूरा करने की उम्मीद है।

पहले खादी खुरदुरी थी, अब फाइन और फैशनेबल

श्री प्रकाश पांडेय ने कहा कि समय के साथ खादी (Gandhi Jayanti) के स्वरूप में काफी बदलाव आया है। पहले खादी की पहचान उसके खुरदुरे कपड़े से होती थी, लेकिन अब फाइन क्वालिटी की खादी तैयार हो रही है। नए रंगों और आधुनिक डिजाइनों के साथ इसे नई पीढ़ी की पसंद के मुताबिक तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गांधी जयंती के दौरान दी जाने वाली छूट का बिक्री पर भी सीधा असर पड़ता है। ऑफर के दौरान ग्राहकों की संख्या बढ़ती है और बिक्री में कई गुना तक इजाफा देखने को मिलता है।

जैकेट, मोदी जैकेट और डेनिम खादी की रेंज

गौरतलब है कि खादी आश्रम ने बदलते फैशन और नई पीढ़ी की पसंद को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पादों (Gandhi Jayanti) में बड़ा बदलाव किया है। यहां अब जैकेट, कुर्ता, शर्ट, मोदी जैकेट, डेनिम खादी, प्रिंटेड कुर्ता-पायजामा और रेडीमेड कलेक्शन उपलब्ध हैं। महिलाओं के लिए हैंडलूम साड़ी और सिल्क साड़ी की भी कई वैरायटी मौजूद हैं। इसके अलावा खादी की सूटिंग-शर्टिंग, बेडशीट, तौलिया और रुमाल समेत रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले कई उत्पादों पर भी विशेष छूट दी जा रही है। खादी अब कपड़ों तक सीमित नहीं खादी आश्रम ने अपने उत्पादों का दायरा कपड़ों से आगे बढ़ाते हुए हर्बल और ब्यूटी प्रोडक्ट्स तक पहुंचाया है। यहां हर्बल फेसवॉश, एलोवेरा जेल, रोज वॉटर, सैंडल साबुन, नीम साबुन, तुलसी साबुन, हनी साबुन, शैंपू, हेयर ऑयल और बॉडी लोशन जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। इसके अलावा अगरबत्ती और शहद समेत 100 से ज्यादा हर्बल प्रोडक्ट्स भी खादी आश्रम में मिल रहे हैं। इन उत्पादों पर भी गांधी जयंती के अवसर पर विशेष छूट दी जा रही है। खादी आश्रम प्रबंधन के मुताबिक, पारंपरिक खादी को आधुनिक फैशन और नए उत्पादों से जोड़ने की कोशिश के चलते इसकी मांग नई पीढ़ी के बीच बढ़ रही है। गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) पर शुरू हुआ यह विशेष ऑफर ग्राहकों को खादी के नए कलेक्शन और हर्बल उत्पादों से जोड़ने का भी अवसर दे रहा है।

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