गाजीपुर : रेवतीपुर में अतुल राय का भव्य स्वागत, बदलाव के नारों से गूंजा मोहम्मदाबाद.

संवाद कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
गाजीपुर ( विवेकानंद राय) । मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के रेवतीपुर ग्राम में आयोजित ब्लॉक स्तरीय संवाद कार्यक्रम में घोसी लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद एवं बसपा नेता अतुल राय के पहुंचने पर समर्थकों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान समर्थकों के बीच उत्साह और राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चा साफ तौर पर दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों की ओर से “अतुल भइया संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारे सुनाई दिए। लोगों ने कहा कि अतुल राय जाति, धर्म और ऊंच-नीच की राजनीति से ऊपर उठकर आम लोगों की आवाज बनने की बात करते हैं। समर्थकों के बीच यह भी कहा गया कि “वह अतुलनीय हैं, क्योंकि वह अतुल हैं। मोहम्मदाबाद की राजनीति में अतुल राय की सक्रियता को लेकर कार्यक्रम में समर्थकों ने इसे आने वाले समय में राजनीतिक बदलाव की दस्तक बताया। उनका कहना था कि क्षेत्र की जनता अब केवल नारों, वादों और कागजी दावों से संतुष्ट होने वाली नहीं है, बल्कि वह अपने क्षेत्र के विकास, रोजगार, सम्मान और जवाबदेही की राजनीति चाहती है। समर्थकों ने भाजपा सरकार और स्थानीय राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कथित तौर पर कागजों तक सीमित विकास कार्यों को लेकर सवाल पूछ रही है। हालांकि ये राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस कार्यक्रम के आधार पर नहीं की गई है।
वहीं, अतुल राय के समर्थकों का दावा है कि मोहम्मदाबाद में युवाओं के बीच बदलाव को लेकर नई राजनीतिक चेतना दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि युवा अब परंपरागत राजनीतिक समीकरणों से आगे बढ़कर ऐसे नेतृत्व की तलाश कर रहे हैं जो उनके मुद्दों को मजबूती से उठाए। बसपा नेता अतुल राय वर्ष 2019 में घोसी लोकसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में घोसी सीट सपा के राजीव राय ने जीती।
रेवतीपुर का यह कार्यक्रम इसी बदलते राजनीतिक माहौल के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समर्थकों की भीड़ और उनके नारों ने यह संकेत जरूर दिया कि मोहम्मदाबाद में अतुल राय अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा रहे हैं। अब यह सक्रियता आगामी चुनावी राजनीति में किस रूप में दिखाई देती है, यह आने वाला समय तय करेगा। फिलहाल रेवतीपुर से उठी आवाज यही है। संघर्ष जारी रहेगा, बदलाव की मांग जारी रहेगी और राजनीति में जनता की भागीदारी का सवाल पहले से ज्यादा मुखर होगा।




