मिर्जापुर : रथयात्रा मेले में ठाकुर जी का श्रृंगार न करने पर दानदाता और मंदिर कमेटी के बीच विवाद

तारा त्रिपाठी/मीरजापुर। अहरौरा का ठाकुर जी का तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले के तीसरे दिन उस समय विवाद की भेंट चढ़ गया जब दान दाता द्वारा चढ़ाये गये सोने-चांदी के आभूषण से ठाकुर जी का श्रृंगार नहीं किया गया। दान दाता मुरली मनोहर शाह एवं रामनाथ के परिवार के लोगों ने राधाकृष्ण मंदिर समिति पर यह आरोप लगाये कि पिछले तीन सालों से मेले के दरम्यान परम्परानुसार ठाकुर जी का हमलोगों द्वारा चढ़ाये गये आभूषण से श्रृंगार नहीं किया जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि ठाकुर जी मेले के तीसरे दिन दान दाता मुरली मनोहर शाह के प्रतिष्ठान पर आकर विश्राम लेते हैं और रात भर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होता है। रात्रि में प्रस्थान के समय आधे घंटे के लिए दूसरे दान दाता रामनाथ के घर के पास रुकते है। वहां पूजा आरती के पश्चात रथ स्व0साहू बैजनाथ प्रसाद के आवास के लिए प्रस्थान कर जाता है। श्रृंगार न होने की बात को लेकर दान दाता व मंदिर कमेटी के लोगों में विवाद हो गया। कमेटी पर तरह-तरह के आरोप लगने लगे। कमेटी के लोगों का कहना था कि आभूषण सुरक्षित है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से श्रृंगार नहीं कराया जा रहा था ।विवाद अधिक बढ़ता देख दूसरे दिन विवाद सुलझाने हेतु मंदिर परिसर में बैठक आहूूत की गई जिसमें वाराणसी से संरक्षक ओपी तुलस्यान को भी बुलाया गया। आज की बैठक में मंदिर कमेटी द्वारा सारे आभूषण उपस्थित जनों के समक्ष रखा गया। सभी संतुष्ट हुए। आभूषण प्रस्तुत करते समय चौकी इंचार्ज आशीष कुमार सिंह पुलिस प्रशासन के साथ मौजूद रहे। सारा विवाद सौहार्द पूर्ण तरीके से सुलझा लिया गया। अंत में दानदाताओं ने कहा कि हमारी मंशा केवल परम्परा को जीवित रखने की रही। ठाकुर जी का श्रृंगार दान के आभूषण से ही हो। यही हमारी आस्था है। दूसरी तरफ राधाकृष्ण मंदिर समिति का कहना था कि हमारी मंशा केवल आभूषण की रक्षा की रही। इसी के चलते आभूषण से श्रृंगार नहीं हो पा रहा था ।सभी आभूषण सुरक्षित है। मेला हमारी धरोहर है। समाज के सभी वर्गो का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था सुन्दर और पारदर्शी बनाना है। मामला सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझ जाने पर संरक्षक ओपी तुलस्यान ने प्रसन्नता व्यक्त की और यह भी तय हुआ कि सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए अगले वर्ष से ठाकुर जी का आभूषण से श्रृंगार किया जायेगा। आज के हंगामेदार बैठक में मंदिर समिति के लोगों के साथ नगर के भारी संख्या गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



