लखनऊ : सेवा संकल्प अभियान, उच्च शिक्षा संस्थानों की होगी व्यापक भागीदारी- मंत्री योगेंद्र उपाध्याय

लखनऊ । सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान में प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को लखनऊ स्थित विधानसभा कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों को अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, निदेशक उच्च शिक्षा सहित अन्य विभागीय अधिकारी भौतिक रूप से तथा राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव एवं विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन – जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत 2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा भाव को मजबूत करना तथा प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों और उपलब्धियों को विद्यार्थियों एवं आमजन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय को अभियान के कार्यक्रमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इसमें निजी विश्वविद्यालयों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत सेवा स्मरण, आंगन मिलन, कहानी बदलाव, सेवा में मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान तथा सेवा यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों एवं संस्थागत संसाधनों के अनुरूप इन कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ‘कहानी बदलाव’ कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हुए सकारात्मक बदलावों को सामने लाया जाए। नए विभाग, फैकल्टी, भवन, प्रयोगशालाएं, शैक्षिक सुविधाएं, नई व्यवस्थाएं एवं विद्यार्थियों के हित में शुरू की गई सुविधाओं से लाभान्वित छात्र-छात्राओं के अनुभव रिकॉर्ड किए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से यह भी जाना जाए कि पहले संस्थान में क्या स्थिति थी और नई सुविधाओं के मिलने के बाद उनके अध्ययन एवं शैक्षिक जीवन में क्या बदलाव आया। इन अनुभवों को वीडियो, लिखित कहानी एवं साक्षात्कार के रूप में तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के साथ ही विभाग को भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी संस्थाओं में हुए बदलावों पर रोचक एवं प्रेरक कहानियां लिखने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि इस माध्यम से उनकी लेखन एवं रचनात्मक क्षमता का भी विकास हो सके।
सेवा में मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को श्रमदान, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं वृक्षारोपण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि संस्थान अपने परिसरों के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों अथवा आसपास के क्षेत्रों को चिन्हित कर स्वच्छता अभियान चला सकते हैं। उन्होंने बड़े परिसरों में व्यापक वृक्षारोपण के साथ ही उपयुक्त स्थानों पर मियावाकी पद्धति से पौधरोपण करने पर भी जोर दिया। इन गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने के निर्देश दिए गए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। अंकपत्र, उपाधि अथवा अन्य शैक्षिक दस्तावेजों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित स्थानों पर संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए। विद्यार्थियों को वास्तविक राहत मिले और शासन की संवेदनशीलता का संदेश समाज तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है । सेवा स्मरण’ कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के आयोजन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कलाकारों, फाइन आर्ट संस्थानों एवं विद्यार्थियों की प्रतिभा का सहयोग लिया जा सकता है। विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों को इसके लिए उपयुक्त स्थल के रूप में चिन्हित किया जाए। ‘सेवा रंग’ कार्यक्रम में देश और प्रदेश की उपलब्धियों तथा शिक्षा क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण कार्यों को रंगोली एवं रचनात्मक कला के माध्यम से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की टीम बनाकर स्थानीय स्तर पर आकर्षक एवं प्रभावी प्रस्तुति तैयार की जा सकती है।



