जानलेवा हमले के आरोपी ने खुद जुर्म कबूला, दिल्ली पुलिस खामोश
निशु ने पिता पर हमला करने वाले पर कार्रवाई के लिए राहुल गांधी से मांगी मदद, दिल्ली की सीएम से सवाल पूछने पर महिला पत्रकार को पुलिस ने पीटा, पत्रकारों में रोष
आसिफ हुसैन ः

कानपुर। जंतर-मंतर पर पुलिस के साथ सादी वर्दी में एक डंडाधारी का भेद खुल गया है। वह खुलेआम अपना गुनाह कैमरे पर कबूल कर रहा है। वह कह रहा है कि एक दलित बेटी निशु आजाद के पिता का सिर डंडा मारकर फोड़ दिया था। एफआईआर के बाद भी अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया गया। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल करने पर मुस्लिम महिला पत्रकार की थाने में पिटाई की गई। राजधानी की पुलिस ने इन दो घटनाओं से अपनी किरकिरी खुद करा ली है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पोडकास्ट में अपने कई गुनाह कबूल किए हैं। उसका कहना है कि वह दिल्ली पुलिस के जूते पहनता है। हाथ में जो डंडा लिए था वह भी पुलिस ने दिया था। मालूम हो कि पुलिस के साथ जंतर-मंतर पर सादी वर्दी में कई युवक नजर आ रहे थे। उस समय क़ॉक्रोच जनता पार्टी और विरोधी दलों ने आरोप लगाया था कि ये युवक संघ और भाजपा से संबंधित हैं। स्वतंत्र भारद्वाज ने ही निशु आजाद के पिता के सिर पर डंडे मार दिए थे। इससे उनका सिर फट गया था। किसी तरह उनकी जान जाने से बच गई। निशु ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। डेढ़ महीने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब वह पोस्ट कास्ट में कह रहा है कि निशु के पापा का सिर फोड़ा। उस पर हत्या के प्रयास की धारा लगनी चाहिए लेकिन वह खुलेआम घूम रहा है। उसे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा समेत अन्य भाजपा नेताओं का समर्थन प्राप्त है। इस पोड कास्ट के बाद बेटी ने संसद में विरोधी दल के नेता व सांसद राहुल गांधी से न्याय दिलवाने की गुहार लगा रही है। उसका आरोप है कि पुलिस मेडिकल के नाम पर उसे घुमा रही है। राहुल गांधी जी अब आपसे उम्मीद है। आरोपी को किसी बात का डर नहीं है। वह कहता है कि लड़की कह रही थी कि कार्रवाई नहीं हुई तो जहर खाकर मार जाऊंगी। इसके बाद वह जेल तक नहीं गया। उसने मुसलमानों के खिलाफ भी कई आपत्तिजनकर बातें कहीं हैं। आम आदमी पार्टी के नेता व पूर्व विधायक सौरव भारद्वाज ने भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करने पर दिल्ली पुलिस को कटघरे में खड़ा किया है। यूट्यूबर अल्का मौर्य ने भी आरोपी का समर्थन करने के लिए चिराग पासवान और कपिल मिश्रा से जवाब मांगा है। आरोपी दोनों को अपना भाई बता रहा है। अल्का ने आजीवन कारावास की मांग की है। अदालत भी स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई करे।
दूसरी घटना और शर्मसार करने वाली है। एक यूट्यूब चैनल की मुस्लिम पत्रकार सीएम रेखा गुप्ता से सवाल कर रही थी तो पुलिस उसे थाने ले गई। उनसे मारपीट की। इस दौरान उनको पता चला कि मुस्लिम महिला पत्रकार है तो उनकी और पिटाई की गई। घटना के बाद पत्रकार ने थाने के सामने ही पुलिस की करतूत के बारे में बताया। अपनी चोट भी उसने दिखाई। यूट्यूब चैनल फोर पीएम की पत्रकार शाहीन के साथ मारपीट की घटना से पत्रकारों में भी रोष है। पत्रकारों ने दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को एक्स पर विरोधी दलों के नेताओं ने शेयर किया है।



