फर्रुखाबाद में सीएम योगी ने हवाई सर्वेक्षण कर देखे बाढ़ के हालात

अशोक कुमार मिश्र/ फर्रुखाबाद । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ का स्थायी समाधान कराने के लिए आश्वस्त करते हुए कहा कि मां गंगा के उफान से पानी का फैलाव हो रहा है। इससे फसल का काफी नुकसान हुआ। सरकार ने 9 वर्ष में सैकड़ों करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। जनप्रतिनिधियों के मुताबिक बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज करना होगा। सिल्ट को बाहर तटबंध के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह परियोजना यहां की आवश्यकता है। नदी के चैनलाइज होने से फसल बचेगी और स्थानीय लोगों को भी राहत मिलेगी । मुख्यमंत्री ने गुरुवार को हवाई सर्वेक्षण कर फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज व अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ के हालात देखे। इसके पश्चात पुलिस लाइन में 1000 परिवारों को बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कई परिवारों को राहत सामग्री, आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी। उन्होंने पीड़ित परिवारों से संवाद कर उनका दुख साझा किया और विश्वास दिलाया कि सरकार हर दुख-दर्द में आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पीडब्ल्यू समेत संबंधित विभागों को बाढ़ का पानी उतरते ही टूटी सड़कों का तत्काल निर्माण शुरू करने का निर्देश भी दिया।
बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का मांगा साथ
सीएम ने कहा कि प्रशासन ड्रेजिंग का कार्य शुरू करने की तैयारी करें। बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का सहयोग मांगते हुए सीएम ने कहा कि इसमें यदि आपकी जमीन आएगी तो उचित मुआवजा मिलेगा। हम फर्रुखाबाद को बाढ़ से मुक्त कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने बाढ़ से फसल को हुए नुकसान का सर्वे करने का निर्देश दिया और कहा कि यह रिपोर्ट आते ही किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता धनराशि भेज दी जाएगी।
अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज व अन्य दवाएं उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सीजन में सांप, बिच्छू व अन्य विषैले कीड़ों का भय रहता है। सरकार ने पहले ही सीएचसी, जिला अस्पतालों आदि में एंटी स्नेक वेनम, एंटी रैबीज व पर्याप्त दवाओं की व्यवस्था की है। जिन क्षेत्रों में पानी घुस गया है, वहां पशुओं के चारे, वैक्सीन, दवा आदि की भी व्यवस्था है। जनप्रतिनिधि व फील्ड में तैनात टीम लगातार जनसेवा कर रही है।
50 किलो राहत सामग्री किट दे रही सरकार
सीएम ने बताया कि पिछले दिनों लखनऊ में फर्रुखाबाद के विधायकों व जिलाध्यक्ष के साथ बैठक में मैंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की चर्चा की थी। प्रभारी मंत्री को भेजकर राहत कार्यों की निगरानी, समीक्षा व ठोस रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था। हमारी पूरी संवेदना पीड़ितों के प्रति है। राहत कार्यों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां व राहत शिविर चल रहे हैं। जिन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, वहां प्रभावित परिवारों के लिए शासन ने रहने, भोजन आदि की व्यवस्था कराई है। जो लोग घर में सुरक्षित रह सकते हैं, उन तक 50 किलो राहत सामग्री की किट पहुंचाई जा रही है, जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल, तेल, चना, लाई, मसाला, बाल्टी, बरसाती, डिग्निटी किट समेत 50 आइटम शामिल हैं। 15 दिनों से तीनों विधायक सभी पीड़ितों तक पहुंचकर स्थानीय प्रशासन की मदद से राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।
हर दुख-दुर्द में साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की विभीषिका से जूझ रही 102 गांवों की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार हर दुःख-दर्द में साथ खड़ी है। जरूरत के मुताबिक हर मदद पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को पढ़ाने के लिए पहली बार शिक्षक शिविरों व गांवों में जाकर कक्षाएं ले रहे हैं। स्वास्थ्य शिविर, राहत सामग्री समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब बदल चुका है फर्रुखाबाद
सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद बदल चुका है। यहां गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे आ रहा है और यह बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के साथ जुड़ेगा। अब फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक्सप्रेसवे होगा। सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज तथा गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। सड़कें अच्छी होने से बाढ़ के बावजूद कनेक्टिविटी बनी हुई है।
किसानों के साथ है सरकार
सीएम ने कहा कि फर्रुखाबाद खेती किसानी की बेल्ट है। यहां आलू किसानों की काफी संख्या है। जिन किसानों का आलू कोल्ड स्टोरेज में है, उनके लिए प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। डबल इंजन सरकार किसानों के साथ है। 2017 में 275 से 300 रुपये के बीच प्रति क्विंटल गन्ना का दाम मिलता था। आज यह राशि 400 रुपये क्विंटल है। हमने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर पर्ची, घटतौली आदि से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने, फसलों की खरीद के साथ ही मक्का के लिए भी क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। पेरू की मदद से आगरा में आलू का अंतरराष्ट्रीय केंद्र काम कर रहा है। दुनिया के बाजार की मांग के अनुरूप आलू उपलब्ध करवाना और किसानों को वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ कर उनकी आमदनी कई गुना बढ़ाई गई है।
अब जिम्मेदारी लेने वाली सरकार
सीएम ने कहा कि अच्छी सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं समेत सभी वर्ग के लिए कार्य करती है। अब बाढ़ पीड़ित परिवारों को जमीन का पट्टा, आवास आदि भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले गरीब का घर आग से जलने पर उसे 4 हजार रुपये देकर कहा जाता था कि जाओ, जो करना है, करो। सरकार के इस लापरवाह व्यवहार का दंश गरीब को झेलना पड़ता था। अब डबल इंजन सरकार पूरी जिम्मेदारी लेते हुए गरीब के साथ खड़ी है।
इस अवसर पर सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुनील कुमार शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, डॉ. सुरभि, विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, प्रदेश महामंत्री शंकरलाल लोधी, जिलाध्यक्ष फतेह चंद वर्मा आदि उपस्थित रहे।
सीएम ने आश्रयहीन परिवारों को दिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा राहत राशि के चेक
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी दी। मुख्यमंत्री के हाथों सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल व अरुणेश को भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र व 1.20 लाख की राहत राशि मिली।




