लखनऊ : डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने मरीजों की अनदेखी पर लिया बड़ा एक्शन, 26 डॉक्टर बर्खास्त

आलोक कुमार त्रिपाठी /लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी और ड्यूटी में लापरवाही भारी पड़ी। लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों का पालन नहीं करने वाले 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामले में नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के आरोपों से जुड़े26 मामलों की समीक्षा की। प्रसव के लिए छह हजार रुपये मांगने के आरोप पर डॉक्टर हटाई, ओटी अटेंडेंट बर्खास्त बीकेटी के राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में ऑपरेशन से प्रसव के नाम पर छह हजार रुपये मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा सिंह को अस्पताल से हटाकर माल सीएचसी भेज दिया गया, जबकि ओटी अटेंडेंट देवेंद्र कुमार सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। आरोप है कि भवानीपुर निवासी लल्ला बुधवार सुबह अपनी गर्भवती पत्नी धर्मी को अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी और ओटी में ले जाने के बाद परिजनों से छह हजार रुपये मांगे गए। रुपये देने में असमर्थता जताने पर ऑपरेशन टालने और मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया।डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को परेशान करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




