प्रयागराज : आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट से दो पैन कार्ड मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को बड़ी राहत मिली है।गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।हाईकोर्ट ने सजा को भी सस्पेंड कर दिया है। कोर्ट ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की।जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने दोनों की याचिका पर यह फैसला सुनाया। आजम खान और अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी,इसमें दोनों ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा करने की मांग की थी।मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड से जुड़ा है। ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ आजम खान और उनके बेटे ने हाईकोर्ट का रुख किया था। दोनों ने अपनी याचिका में सजा पर रोक और अंतरिम जमानत देने की मांग की थी।फिलहाल दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को जमानत मिल गई है।कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर दी है, जबकि दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है।अब आजम खान जेल से बाहर आएंगे या नहीं, यह अन्य मामलों पर निर्भर करता है। यह पूरा मामला कथित तौर पर अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाले दूसरे पैन कार्ड को बनवाने और उसके इस्तेमाल से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में दूसरे पैन कार्ड का उपयोग किए जाने का मामला भी शामिल है। आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से सात साल की सजा हुई थी,जिससे असंतुष्ट अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की सजा बढ़वाने के लिए की गई अपील पर आजम को पहले सुनाई गई सात साल की सजा को दस साल कर दिया,जबकि पचास हजार जुर्माने को बढ़ाकर पांच लाख कर दिया हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा को बरकरार रखते हुए केवल जुर्माना धनराशि को बढ़ाया है। उनकी जुर्माने की धनराशि पचास हजार से 3.5 लाख कर दी। इसके बाद इस मामले को आजम और उनके बेटे की ओर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जिस पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है।



