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राज्य नई दिल्ली

नई दिल्ली : यूरोप के साथ भारत के गहरे होते रिश्ते

नई दिल्ली। वैश्विक उथल-पुथल और जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भारत और ऑस्ट्रिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कदम आगे बढ़ाए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीटे मेनल-रीसिंगर से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-ऑस्ट्रिया की संवर्धित रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा दोनों नेताओं के बीच चर्चा मुख्य रूप से राजनीतिक आदान-प्रदान, व्यापार और निवेश, नवाचार और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, मोबिलिटी (आवागमन), रक्षा और सुरक्षा, तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति पर केंद्रित रही। उन्होंने वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए और संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई। डॉ. जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा विदेश मंत्री बीटे मेनल-रीसिंगर से मिलकर खुशी हुई। हमने अपनी साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की, जिनमें व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति शामिल हैं। इसके अलावा, हमने स्टार्टअप, अंतरिक्ष, कौशल विकास और मोबिलिटी के नए अवसरों पर भी बात की। हमने वैश्विक घटनाक्रमों और उनके प्रभावों, तथा बहुपक्षीय सहयोग पर अपने विचार साझा किए। हमारी बातचीत में हमारे मैत्रीपूर्ण संबंधों की आत्मीयता झलक रही थी। ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री की यह यात्रा भारत के ऑस्ट्रिया और व्यापक यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ तेजी से सुदृढ़ होते कूटनीतिक संबंधों का जीवंत उदाहरण है। भारत और ऑस्ट्रिया के बीच गहराता यह समन्वय केवल द्विपक्षीय लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है। विदेश मंत्री ने इस अवसर पर भारत के यूरोपीय संघ के साथ बढ़ते रणनीतिक और सुरक्षा संबंधों को रेखांकित किया और ‘भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता’ (एफटीए) के पूरी तरह लागू होने से होने वाले लाभों को रेखांकित किया, जिससे न केवल व्यापारिक और आर्थिक बाधाएं दूर होंगी, बल्कि यूरोप के साथ भारत के दीर्घकालिक संबंधों, प्रवासन प्राथमिकताओं और आपसी भरोसे को एक नया ऐतिहासिक धरातल मिलेगा।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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