गोंडा में विनोद साहनी की हत्या से निषाद समाज में उबाल, सपाइयों के साथ मंत्री संजय निषाद भी धरने पर बैठे
सपा नेता राजपाल कश्यप ने लगाया सत्ता संरक्षित आरोपियों को बचाने का आरोप, घटना में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश, लापरवाही में थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी निलंबित
कानपुर। गोंडा की तहसील करनैलगंज के थाना परसपुर निवासी बर्तन दुकानदार विनोद साहनी (45) को 9 सितंबर को पुलिस से शिकायत के बाद भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया गया। घायलावस्था मे उन्होंने आरोपियों के नाम भी बताए। बाद में लखनऊ के एक अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना ने बहुत गंभीर रूप ले लिया है। हत्या का आरोप भाजपा से जुड़े ठाकुर समुदाय के तीन लोगों पर लगा है। समाजवादी पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है। परिवार सपा के निषाद नेताओं ने सभी हत्यारोपियों की तुरंत गिरफ्तारी औऱ अन्य लोगों की तरह उनके घरों पर भी बुल्डोजर चलाने की मांग की है। दबाव में निषाद पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी धरने पर बैठे रहे। यहां तक कि बिहार के निषाद नेता मुकेश साहनी भी धरने पर बैठे हैं। सपाई सरकार के साथ ही योगी और मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे।
विनोद साहनी के बेटे ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को भी पत्र लिखकर दोषी थानाध्यक्ष और पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। विनोद साहनी के परिवार के लोग तीनों हत्यारोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके बाद मौके पर सपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे। समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजपाल कश्यप के बगल में ही मंत्री संजय निषाद भी धरने पर बैठे रहे। उनके सामने ही राजपाल कश्यप ने प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता संरक्षित अपराधियों ने गोली मारकर हत्या की है। सत्ता संरिक्षत लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हम लोग पांच घंटे से धरने पर बैठे हैं। अभी तक पोस्टमार्टम तक नहीं हुआ है। परिजनों का आरोप है कि गोली मारने के बाद विनोद को अस्पताल लेकर कोई पुलिसवाला नहीं गया। राजपाल के बगल में ही मंत्री संजय निषाद बैठे थे। राजपाल ने कहा कि योगी सरकार न्याय नहीं कर रही है। प्रदेश में जंगल राज है। यहां तक कि मंत्री तक की सुनवाई नहीं हो रही है। धरने पर मुकेश साहनी के साथ ही निषाद समाज के काफी नेता मौजूद रहे। धरने पर कप्तान और डीएम को बर्खास्त करने की मांग की। धरने पर विनोद के परिवार के लोग बैठे थे। उनका भी कहना था कि घटना में प्रशासन, अस्पताल के डाक्टर और पुलिस मिली है। पीड़ित परिवार जो चाहता है उसी अनुसार कार्रवाई की जाए।
बताया जाता है कि विनोद साहनी ने फेसबुक पर कोई पोस्ट डाली थी। उससे आरोपी काफी नाराज हो गए थे। उन लोगों ने मारने की धमकी दी थी। इस पर विनोद ने पुलिस से शिकायत की थी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। नतीजन विनोद की जान चली गई।विनोद के बेटे ने बताया कि पापा सोशल मीडिया पर समाज के मुद्दे उठाते थे। उसकी वजह से आरोपी नाराज थे।
मंत्री संजय निषाद के सामने ही डीएम और एसपी गुलदस्ता लिए खड़े थे। वह कह रह थे कि आप लोगों ने ठीक से काम नहीं किया। सपा को सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का मौका दे दिया। मंत्री संजय निषाद की घुर विरोधी सपा नेता काजल निषाद ने भी जमकर नारेबाजी कर योगी सरकार को कटघरे पर कड़ा किया।
घटना के बारे में एसपी का कहना है कि वह सोशल मीडिया पर एक वर्ग के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाते थे। उनका कहना है कि विनोद ने तहरीर दी थी कि 9 सितंबर को घर लौटते समय कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की। इस पर रिपोर्ट दर्ज कर घायल को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा गया। वहां से उनको मेडिकल कॉलेज लखनऊ बेहतर इलाज के लिए भेजा गया। जहां पर 11 सितंबर को उनकी मौत हो गई। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। घटना में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष परसपुर और शाहपुर चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।



