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कोलंबो  : श्रीलंका में भारतीय मदद से बने 48 घरों का उद्घाटन

कोलंबो। भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत श्रीलंका के सतत विकास और जमीनी स्तर पर जन-जीवन को बदलने की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया गया है। श्रीलंका के केगाले और कलुतारा जिलों में भारत सरकार की आर्थिक अनुदान सहायता से निर्मित दो नए मॉडल विलेज, ‘नंदा गामा’ (केगाले) और ‘जाना अरुणा गामा’ (कलुतारा) का आधिकारिक रूप से उद्घाटन कर उन्हें स्थानीय लाभार्थियों को सौंप दिया गया है। परियोजनाओं का उद्घाटन श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने किया, जिसके तहत श्रीलंका के सभी 25 जिलों में निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए पक्के घरों का निर्माण किया जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की अटूट मजबूती को दर्शाता है। इस अवसर पर केगाले में श्रीलंका के पर्यावरण मंत्री डॉ. दम्मिका पटाबेंदी और कलुतारा में स्वास्थ्य और जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी मौजूद रहे। उच्चायुक्त झा ने एक्स पर लिखा घर देना, ज़िंदगी बदलना, कलुतारा में 20वें मॉडल विलेज, ‘जाना अरुणा गामा’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर मेरे साथ आवास, निर्माण और जलापूर्ति मंत्री डॉ. सुशील रानासिंघे और स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी मौजूद थे। भारत की ग्रांट सहायता से श्रीलंका के सभी 25 ज़िलों में घर बनाए जा रहे हैं। यह ज़मीनी स्तर पर लोगों की ज़िंदगी बदलने में भारत-श्रीलंका दोस्ती की मज़बूती को दिखाता है। मॉडल विलेज कूटनीति के तहत न केवल जरूरतमंदों को आश्रय प्रदान किया जा रहा है, बल्कि बुनियादी ढांचा मजबूत कर स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को भी ऊपर उठाया जा रहा है। इस पूरे ‘मॉडल विलेज हाउसिंग प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत द्वीपीय देश के सभी जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रत्येक जिले में मॉडल विलेज का विकास किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक गांव में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 24 पक्के आवास शामिल हैं। भारत लंबे समय से अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के जरिए श्रीलंका की विभिन्न क्षेत्रों में अग्रगामी सहायता करता आ रहा है। चाहे वह श्रीलंका का अभूतपूर्व आर्थिक संकट रहा हो, या फिर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा का क्षेत्र, भारत हमेशा एक सच्चे मित्र की भूमिका में अडिग रहा है।

(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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