गाजीपुर : जीवन में सफलता के लिए किताबी ज्ञान ही नहीं, स्वस्थ शरीर,अच्छे संस्कार और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी-शिवानंद

युवा जागरण एवं व्यक्तित्व विकास का प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित
गाजीपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में युवा जागरण मंच के अंतर्गत संत श्रीराम शर्मा आचार्य कान्वेंट स्कूल, भदौरा के विद्यार्थियों के बीच एक विशेष प्रेरणात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मानसिक, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के साथ उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और जीवन के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करना रहा । इस अवसर पर युवा जागरण मंच से जुड़े शिवानंद राय ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य, जीवन के लक्ष्य, आत्मविश्वास, एकाग्रता, सकारात्मक विचारों एवं व्यक्तित्व विकास के संबंध में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्वस्थ शरीर, मजबूत मन, अच्छे संस्कार, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति भी आवश्यक हैं। शिवानंद राय ने बच्चों को विभिन्न योगाभ्यास एवं शारीरिक व्यायाम भी कराए तथा उनके महत्व को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नियमित योग से शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है। बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने उनकी भावनाओं को समझने, उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने तथा उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया ।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के वरिष्ठ जिला आचार्य रामकिशोर राय एवं श्री राजेश कुमार चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे। तीनों अतिथियों ने बारी-बारी से बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें योग, स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों, संस्कार, अनुशासन एवं जीवन निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य भारत लाल ने कहा कि, “बच्चों का भविष्य केवल अच्छी शिक्षा देने से ही उज्ज्वल नहीं होता, बल्कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक समय में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नियमित योग, व्यायाम, संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक सोच अपनाने की आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के अंदर आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता और जीवन में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा पैदा करते हैं। विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक रूप से सशक्त बनाकर एक संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।”उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार एवं युवा जागरण मंच के इस रचनात्मक प्रयास के लिए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य गणमान्य लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को लेकर इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को मोबाइल एवं अन्य अनावश्यक गतिविधियों से हटकर अपने स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार और भविष्य के प्रति जागरूक बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर कंचन राय, शशिकांत सिंह, अंजू तिवारी, दुर्गावती सिंह, सचिन सिंह सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक रहा। अंत में सभी ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ योग, स्वास्थ्य, संस्कार एवं व्यक्तित्व निर्माण को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उपस्थित सभी लोगों ने इस सराहनीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। संदेश: स्वस्थ शरीर, सकारात्मक विचार और श्रेष्ठ संस्कार ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सच्ची नींव हैं।
गाज़ीपुर से विवेकानंद राय



