फतेहपुर : स्कूल में गर्मजोशी से मनाया गया सर सैयद डे

सर सैयद अहमद के ख्बाबों की ताबीर पेश कर रहा है ब्रिलियंट ओरियंटल हायर सेकेंड्री स्कूल, सीबीएसई से मान्यता मिलने पर सभी को बधाई दी गई, शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संकल्प लिया
फतेहपुर । पक्का तालाब स्थित ब्रिलियंट ओरियंटल हायर सेकेंड्री स्कूल (बोस) में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खां का जन्मदिन सर सैयद डे के रूप में मनाया गया। इस मौके पर स्कूल में स्पेशल असेंबली का आयोजन हुआ। सर सैयद शिक्षा विद् के साथ हिंदू-मुस्लि एकता का बहुत बड़े पक्षधर थे। उन्होंने कहा था कि भारत एक दुल्हन की तरह है और हिंदू-मुस्लिम उसकी दो आंखें हैं।
झांसी से आईं गुलअफ्शा जबीं ने कहा कि सर सैयद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक के साथ महान शिक्षावद् थे। उन्होंने पहले से जान लिया था कि बिना शिक्षा के कोई भी कौम तरक्की नहीं कर सकती है। इसलिए उन्होंने दीनी शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा पर भी जोर दिया। यही वजह है कि आज पूरी दुनिया में सर सैयद के चाहने वाले हैं। दुनिया भर में अलीग फैले हुए हैं और सर सैयद डे मनाते हैं। ब्रिलियंट ओरियंट स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हो गया है। यह सभी के लिए गर्व की बात है। यह स्कूल भी सर सैयद अहमद खां के ख्याबों की ताबीर पूरी कर रहा है। इसीलिए जिस तरह सर सैयद चाहते थे कि बच्चे साइंस और टेक्ऩालॉजी में आगे बढ़ें उसी तरह बोस के बच्चे भी किताबी नॉलेज से आगे पढ़ें।डायरेक्टर कृष्णा उप्पल ने कहा कि सर सैयद बहुत बड़े दूरदर्शी थे। उन्होंने आजादी की लड़ाई के दौरान ही समझ लिया था कि अंग्रेजों से लड़ने के लिए हथियार के साथ शिक्षा की भी जरूरत है। क्योंकि उस समय आजादी की लड़ाई के समय अंग्रेजों के साथ अंग्रेजी से भी देशवासी लड़ रहे थे। अंग्रेजी की पढ़ाई से भाग रहे थे। उस समय सर सैयद ने अंग्रेजी की तालीम को भी आगे बढ़ाने का फैसला किया। स्कूल के प्रिसिंपल सैयद फजलुर्रहमान बाकरी ने कहा कि यह हम सबके लिए खुशी की बात है कि स्कूब अब सीबीएसई हो गया है। अब हम लोगों पर पहले से ज्यादा जिम्मेदारी बढ़ गई है। पढ़ाई पर पहले से ज्यादा फोकस करना है। उन्होंने कहा कि सर सैयद के चमन के बुलबुल बच्चों को ही बनना है। यहां से पढ़ने के बाद एएमयू, जामिया, बीएचयू, जेएनयू, आईआईटी, एम्स आदि संस्थाओं में तालीम हासिल करें।

स्कूल के एकेडमिक इंचार्ज अफजल अहमद ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात यह है कि सर सैयद डे से पहले हमारा स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हो गया। हम सब भी बच्चों को तालीम देकर सर सैयद के मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि कितने बच्चे अभी तक एएमयू गए हैं। इस पर बहुत कम ही हाथ उठे। उन्होंने कहा कि अब आगे बहुत से बच्चे एएमयू जाएंगे। उन्होंने भविष्य के लिए बच्चों को मुबारकबाद दी। अहमद उमैर ने कहा कि अकबर इलाहाबादी के शेर से हमारी बातें ही बातें हैं सैयद काम करता है न भूलो, फर्क जो हैं कहने वाले करने वाले में, कहा जो चाहे कोई मैं तो कहता हूं ऐ अकबर, खुदा बक्शे बहुत सी खूबियां थीं मरने वाले में। सर सैयद ने बच्चों की शिक्षा के साथ बच्चियों की शिक्षा पर भी बहुत जोर दिया। चेयरमैन सैयद वासिफ हुसैन ने कहा कि सर सैयद ने कहा था कि हमें खुशी होगी कि लोग शिक्षा के लिए काम करें। हम लोगों ने भी सर सैयद की मूहिम को आगे बढ़ाने के लिए ही स्कूल की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि सभी स्टाफ की मेहनत से ही स्कूल को सीबीएसई से मान्यता मिल गई है। अब हम सबको आज सर सैयद डे पर यह संकल्प लेना चाहिए कि स्कूल और तक्की करे। इस मौके पर बच्चों ने तराना यह मेरा चमन पेश किया। खदीजा, मुनीबा, जकिया मदनी आदि ने सर सैयद पर अपने विचार पेश किए। कार्यक्रम में आसिफ हुसैन, वकील अहमद, अरशद अंसारी, मेराज सैफी, जायर रिजवी, ताहिर हुसैन, मुफ्ती वसीम, सूफिया, शबनम, सैफ, मोहसिन, फरहीन एजाज, इरम नकवी, जुलेखा, गुलेनाजमीन, सारा फैजान आदि मौजूद रहे। मीडिया टीम में तहजीब, फातिमा, अलविना, खुशी मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन कोआर्डिनेटर सैयद ताहिर हसन ने किया।



