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ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल को मिली सीबीएसई से 12वीं तक की मान्यता, मनाया जश्न

जिले में 30 सीबीएसई स्कूल में अब बोस भी शामिल, मान्यता मिलने पर चेयरमैन सैयद वासिफ ने सभी का जताया आभार, एएमयू के संस्थापक सर सैयद समेत महापुरुषों के सपनों को साकार करने के लिए 20 साल पहले हुई थी स्कूल की स्थापना

नैनीताल में टूर के दौरान मान्यता मिलने पर जश्न मनाते छात्र-छात्राएं, स्टॉफ व शिक्षक।
नैनीताल में टूर के दौरान मान्यता मिलने पर जश्न मनाते छात्र-छात्राएं, स्टॉफ व शिक्षक।

ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल को सीबीएसई ने हायर सेकेंड्री तक की मान्यता प्रदान कर दी है। सचिव ने इस संबंध में पत्र जारी कर सीबीएसई की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है। जिले में अब ब्रिलियंट ओरियंटल हायर सेकेंड्री स्कूल (बोस) समेत तीस स्कूल सीबीएसई मान्यता प्राप्त हो गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए चेयरमैन सैयद वासिफ हुसैन ने बताया कि काफी संघर्षो के बाद यह मकाम हासिल हुआ है। अपने शहर के बच्चों को अच्छी तालीम देने के ही उद्देश्य से ही इस स्कूल की स्थापना की गई थी। आज भी पूरे जिले में सबसे अच्छी तालीम स्कूल में दी जा रही है। उन्होंने इस सफलता हासिल करने के लिए पिता, स्कूल स्टाफ, अभिभावकों और जिले के लोगों को श्रेय दिया।

20 साल पहले शहर में अच्छी तालीम के लिए ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल की स्थापना हुई थी। बाकरगंज में सबसे पहले इस स्कूल का आगाज किया गया। इसके बाद इसकी एक शाखा मसवानी, पक्का तालाब में खुली। वहां से एक पौधे ने पेड़ का रूप लिया। लगन और लोगों की दुआओं से स्कूल आगे बढ़ता गया। मेहनत और कोशिश ने स्कूल को यहां तक पहुंचा दिया कि अब वह सीबीएसई स्कूल हो गया है।

चेयरमैन ने कहा कि कोई भी देश बिना बच्चों की तालीम के आगे नहीं बढ़ सकता है। इसीलिए एएमयू के संस्थापक सर सैयद अहमद खां, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद, राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आदि महापुरुषों के समनों को साकार करने के लिए स्कूल की स्थापाना की गई थी। पूरे जिले में पहला स्कूल है जहां पर दीनी तालीम की भी सुविधा है। यहां पर स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से शिक्षक और शिक्षिकाएं तालीम देती हैं। स्कूल में लिफ्ट की भी सुविधा है। आधुनिक लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब है। इसके साथ ही केमिस्ट्री, फिजिक्स, बायलॉजी लैब है।

स्कूल को सीबीएसई की मान्यता मिलने पर शहरकाजी अब्दुल्लाह, फातिमा पब्लिक स्कूल के संस्थापक रिजवान अहमद, मनामा के डॉक्टर इजहार, डॉ. शमशाद, सलीम अहमद, इमामे जुमा हबीबुल इस्लाम, एमआईसी के मैनेजर एडवोकेट शफी अहमद खां, अपना दल के नेता जुनैद अहमद, अदनान, एएमपी कानपुर चैप्टर के अबरार अहमद, शाहीन ग्रुप के मोहम्मद शरीफ, शफीक अहमद, जावेद अहमद खां, पत्रकार शकील अहमद, आसिफ फैजी, इकबाल अहमद, शम्सुद्दीन, सैयद शेखू आदि ने खुशी जताई है। इसके साथ ही संस्थापक सैयद इश्तियाक हुसैन, डायरेक्टर कृष्णा उप्पल, आसिफ हुसैन, वकील अहमद, अहमद उमैर, ताहिर हुसैन, अरशद अंसारी, प्रधानाचार्य सैयद फजल, मोहम्मद अफजल, ताहिर हसन, उबैद, जायर रिजवी, डॉक्टर शहजाद अंसारी, मोहसिन,, मोहम्मद फराज, सूफिया, शबीना, असफा, जुलेखा आदि ने सभी का शुक्रिया अदा किया। स्कूल में भी बच्चों, अभिभावकों, स्टाफ के साथ अन्य लोगों को भी मिठाई बांटी गई। स्कूल की संस्थापक रहीं फरीदा बेगम की कब्र पर फातेहा पढ़कर उनको भी खिराजेअकीदत पेश की गई।

 

ASIF HUSAIN

ASIF HUSAIN EDITOR मैंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में परास्नातक (मास्टर) करने के बाद ट्रांसलेशन में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। 1997-98 में राष्ट्रीय सहारा में ट्रेनिंग की। इसके बाद 1998 में अमर उजाला कानपुर में ज्वाइन किया। अमर उजाला में कानपुर में रिपोर्टिंग की। गाजीपुर, चंदौली, भदोही, इटावा में ब्यूरोचीफ के पद पर रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में संभल डेस्क प्रभारी रहा। झांसी में देहात डेस्क प्रभारी रहा। साथ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग की। 2023-24 में अमर उजाला में सीनियर सब एडिटर पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया। इसके बाद अपना यूट्यूब चैनल ‘ब्रिलियंट टाइम’ नाम से बनाया। वीकली अखबार भी इसी नाम से निकाला। ‘द्वाबा सम्राट हिंदी दैनिक’ में देश और विदेश पर लेख लिखे। वर्तमान में हिंदुस्तान संदेश से बतौर एडिटर जुड़ा हूं।

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