देवरिया : तरकुलवा सीएचसी में मरीजों से अवैध पैसे लेने का आरोप

असगर अली, ब्यूरो चीफ/देवरिया । जनपद के तरकुलवा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर धांधली का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल में पूर्व में तैनात नेत्र परीक्षक मनोज मद्धेशिया पर आरोप है कि वे आंखों की जांच कराने आने वाले निर्धन और असहाय मरीजों से अवैध रूप से पैसों की मांग और वसूली कर रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए से कथित अवैध वसूली का पर्दाफाश हुआ है। इस खुलासे के बाद से ही स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।सूत्रों के अनुसार कथित नेत्र परीक्षक का कार्यकाल वर्ष 2021 में ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वह जुलाई 2026 तक अस्पताल में बैठकर मरीजों की आंखों की जांच करता रहा। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में एक ट्रस्ट के माध्यम से संबंधित नेत्र परीक्षक को सीएचसी तरकुलवा में तीन वर्ष के लिए तैनात किया गया था। उसका निर्धारित कार्यकाल 2021 में पूरा हो गया था। सोमवार को मरीज से रुपये लेते हुए उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके तुरंत बाद वह अस्पताल से गायब हो गया।प्रश्न यह है कि जब नेत्र परीक्षक का कार्य काल समाप्त होगया था तो वह किसके आदेश से मरीजों को देख रहे थे।इस संबंध में स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ बी एन गिरी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से छानबीन करने के लिए जल्द ही एक विशेष जांच टीम का गठन किया जाएगा। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जांच टीम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधीक्षक के अनुसार, यदि जांच के दौरान नेत्र परीक्षक या किसी अन्य कर्मी पर लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषी के खिलाफ पुलिस में मुकदमा (FIR) दर्ज कराया जाएगा और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



