इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिले राहुल
भाजपा ने हत्याकांड के एक आरोपी को राज्यपाल बनाया, सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान डिटेन किए गए युवक और युवतियों ने पुलिस बर्बरता के बारे में बताया, राहुल गांधी बोले, सबूत रखें और वीडियो हमें भी भेंजे, सजा सबको मिलेगी, साथियों को जेल भेजने पर केंद्र सरकार पर बिखरे अभिजीत दीपके
कानपुर। नेता प्रतिपक्ष सांसद राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन और कॉक्रोच जनता पार्टी ने इन दिनों भाजपा के नाक में दम कर दिया है। चुनाव आय़ोग द्वारा अचानक बिना तैयारी के लगभग पूरे देश में स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (एसआईआर) के नाम पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने का मुद्दा छाया हुआ है। इस बीच भाजपा ने कांग्रेस के मणिपुर के सांसद पर जेएनयू में कुछ छात्राओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रदर्शन किया। अब राहुल गांधी ने उत्तराखंड के एक होटल में रिसेप्निस्ट रही अंकिता भंडारी हत्या कांड को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। भाजपा ने हत्याकांड के एक आरोपी को अभी राज्यपाल के पद से नवाजा है जबकि अंकिता के माता-पिता बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। बुधवार को राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात कर इंसाफ दिलाने का वादा किया। इसके साथ ही उन्हों


ने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान डिटेन किए गए जेनज़ी को मीडिया के सामने लाकर पुलिस बर्बरता दास्तां सुनवाईं।
उत्तराखंड में चार साल पहले एक भाजपा नेता के होटल में रिसेप्शन में काम करने वाली अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप लगाया गया था कि होटल में उससे रसूखदारों के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। उसकी हत्या के बाद विरोधी दलों के साथ स्थानीय जनता ने जोरशोर से मुद्दा उठाया लेकिन भाजपा सरकार ने इसे दबा दिया। एक भाजपा नेता की पत्नी ने कुछ महीनों पहले अंकिता भंडारी मामले में बयान देकर सनसनी फैला दी थी। इसके बाद काफी हंगामा हुआ लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा। अभी भी अंकिता भंडारी के बूढ़े माता-पिता इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। उसके माता-पिता बेटी को इंसाफ दिलाने और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए इंडिया गेट पर धरना दे रहे हैं। उनसे मुलाकात कर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया में फोटो के साथ एक पोस्ट की है। उसमें लिखा है कि ‘चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला लेकिन एक वीआईपी आरोपी को संरक्षण संवैधानिक पद का इनाम जरूर मिला। जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाजा जाता है-उस महिला विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती है। आज अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं, राहुल और कांग्रेस उनके साथ ख़ड़े हैं। उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी। ‘
उधर, इंडियन एक्सप्रेस में मुख्य चुनाव आय़ुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानी और चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की खबरें छपने के बाद उबाल आ गया है। 29 सितंबर से लगातार धरने और प्रदर्शन चल रहे हैं। विरोधी दलों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में भी ज्ञानेश कुमार समेत उनके दोनों साथियों के खिलाफ भी याचिका दायर की है। उसमें कुछ कमियों की वजह से मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी है। मंगलवार को ही सीजेपी के आशुतोष रांका, सौरव दास ने जंतर-मंतर में घुसकर तिरंगा फैहरा दिया था। इस पर दोनों को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसका भी राहुल गांधी ने विरोध किया है। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए युवक-युवतियों से मारपीट करने के मामले में राहुल गांधी पीड़ितों के साथ मीडिया के सामने आए। मीडिया के सामने एक पीड़ित ने अपना बांसुरी वादन पेशकर पुलिस की करतूत बताई। डिटेंशन के दौरान युवक-युवतियों के साथ जानवरों की तरह मारपीट की गई। केरल की युवती आतिरा ने बताया कि उसके एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है और आंख में भी चोट आई है। एक बांसुरीवादक ने बताया कि बजरंग दल के गुंडों के कहने पर उनको डिटेन किया गया था। रितु को भी बहुत मारा पीटा गया। उसे राहुल ने आज शेरनी बताया। उसने कहा कि मारा लेकिन डर नहीं लगा। छह युवक-युवतियों ने बताया कि किस तरह हिरासत में लेकर बसों में उनके साथ मारपीट की गई। राहुल ने कहा कि वीडियो बनाइये, वीडियो हमें भेंजे। अपने पास सबूत रखें। ज्ञानेश समेत भी लोगों को सजा देंगे। इस दौरान एनएसयूआई के अध्यक्ष भी मौजूद रहे।
दो साथियों को जेल भेजने का बाद दिल्ली आए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने राहुल गांधी का समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया। जेल भेजने को उन्होंने तानाशाही की निशानी बताया। उन्होंने सवाल किया कि क्या तिरंगा लहराना गलत काम है। सीजेपी के युवाओं की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, एमके स्टालिन आदि ने आक्रोश जताया है।



