नई दिल्ली : पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय डिजिटल पंजीकरण पोर्टल की मांग

जेसीआई ने प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को भेजा ज्ञापन
नई दिल्ली । जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने देश में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के साथ होने वाली अभद्रता, दुर्व्यवहार तथा उनके कार्य में बाधा की घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा उनकी पहचान सुनिश्चित करने हेतु केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल पत्रकार पंजीकरण एवं पहचान सत्यापन पोर्टल स्थापित करने की मांग की है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के सलाहकार डा. ए.के. राय ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना द्वारा इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को ज्ञापन भेजकर पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि आंदोलनों, धरना-प्रदर्शनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कई बार मीडिया कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं। साथ ही, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से पत्रकार का रूप धारण कर संवेदनशील स्थानों पर पहुंचने से वास्तविक पत्रकारों की पहचान को लेकर भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। संगठन के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अथवा किसी अधिकृत संस्था के माध्यम से राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल विकसित करने का सुझाव दिया है। इसमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल न्यूज पोर्टल, वेब मीडिया तथा स्वतंत्र पत्रकारों सहित पत्रकारिता के विभिन्न माध्यमों से जुड़े लोगों के लिए स्वैच्छिक पंजीकरण की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में पंजीकरण के बाद सत्यापन प्रक्रिया के आधार पर पत्रकारों को विशिष्ट डिजिटल पहचान कोड उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया गया है। संगठन का कहना है कि इस व्यवस्था से आंदोलनों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान अधिकृत एजेंसियों को पहचान संबंधी जानकारी के सत्यापन में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, पंजीकरण अथवा डिजिटल पहचान को पत्रकारिता करने की अनिवार्य अनुमति न बनाए जाने और इसके अभाव में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनुचित प्रतिबंध न लगाए जाने की बात भी कही गई है। संगठन ने पोर्टल के माध्यम से देश में पत्रकारिता से जुड़े लोगों की संख्या और उनके कार्यक्षेत्र से संबंधित समेकित आंकड़े तैयार करने तथा पात्र पत्रकारों तक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा, आंदोलनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को मीडिया कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकार लोकतंत्र में जनता के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संगठन ने केंद्र सरकार से प्रस्ताव पर संबंधित मंत्रालयों एवं सक्षम संस्थाओं के स्तर पर विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय पत्रकार डिजिटल पंजीकरण पोर्टल की व्यवहार्यता का आकलन करने का आग्रह किया है।



