नई दिल्ली : ईरान ने पूरी दुनिया के सामने कर दिया ये ऐलान

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ऐलान कर दिया है।अब्बास अराघची ने कहा है कि जब तक अमेरिका ईरान की शर्तें नहीं मानता और पहले किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जहाजों के लिए बंद रहेगा।अराघची ने कहा कि अमेरिका को किसी भी नए समझौते या बातचीत से पहले इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में किए गए वादों को पूरा करना होगा।इराक के अल-इखबारिया नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने यह बात कही।ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने भी अराघची के बयान को प्रसारित किया। अब्बास अराघची ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को लेकर ईरान का रुख साफ है।अमेरिका को पहले ईरान की शर्तें माननी होंगी,ऐसा होने तक इस समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही में परेशानी बनी रहेगी।अराघची ने कहा कि ईरान चाहता है कि अमेरिका पहले से तय इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की सभी शर्तों का पालन करे,इसके बाद ही दूसरे मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ सकती है,इसका मतलब है कि ईरान नए मुद्दों पर बातचीत शुरू करने से पहले अमेरिका से पुराने वादे पूरे करवाना चाहता है। अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है,इसके लिए पाकिस्तान और कतर जैसे देशों की मदद ली जा रही है।अराघची ने ईरान के पहले दिए गए एक प्रस्ताव का भी जिक्र किया,जिसे सेवन-डे प्लान यानी सात दिन की योजना कहा गया है,इस योजना में ईरान ने अपनी शर्तें साफ तौर पर रखी थीं। अब्बास अराघची के मुताबिक इस योजना के तहत छठे दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने की बात थी।अराघची ने कहा कि अमेरिका ने प्रस्ताव पर सहमति के संकेत दिए थे, लेकिन बाद में ऐसे अतिरिक्त बिंदु जोड़ने की कोशिश की, जिन पर पहले की बातचीत में चर्चा हो चुकी थी।
अब्बास अराघची ने कहा कि बातचीत के अंतिम चरण में दोनों पक्षों की ओर से उठाए गए किसी भी मुद्दे या समस्या पर चर्चा की जा सकती है और अंतिम समझौते पर पहुंचा जा सकता है।अराघची ने दोहराया कि दूसरे मुद्दों पर बातचीत से पहले अमेरिका को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में किए गए वादे पूरे करने होंगे। अब्बास अराघची ने अमेरिका की आर्थिक और सैन्य दबाव बनाने की कोशिशों पर भी जवाब दिया।अराघची ने कहा कि ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं,नए प्रतिबंधों की घोषणा हो रही है और सैन्य धमकियां भी दी जा रही हैं।अराघची ने कहा कि अमेरिका पड़ोसी देशों पर ईरान के साथ सहयोग नहीं करने का दबाव बना रहा है,लेकिन इन कोशिशों को सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।अराघची ने कहा कि ईरान न तो आर्थिक प्रतिबंधों के आगे झुकेगा और न ही सैन्य धमकियों के आगे आत्मसमर्पण करेगा।इस समस्या का सही समाधान बातचीत और आपसी सहमति से समझौता करना है। अब्बास अराघची ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के कानूनी दर्जे को लेकर भी अपना पक्ष रखा।अराघची ने कहा कि यह स्ट्रेट ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल के भीतर आता है और इसका अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से संबंध नहीं है।अराघची ने कहा कि यदि भविष्य में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोला जाता है, तो जहाजों को उसी रास्ते से गुजरना होगा,जिस पर ईरान और ओमान के बीच सहमति बनी है।अराघची ने कहा कि दोनों देश जहाजों के गुजरने के रास्तों को लेकर पहले ही समझौता कर चुके हैं और अब उसके अंतरराष्ट्रीय पंजीकरण का इंतजार कर रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का यह बयान ऐसे समय आया है,जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है।दोनों देश संघर्ष और कूटनीतिक बातचीत की संभावनाओं को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और दूसरे मुद्दों पर आगे बढ़ने से पहले वह अमेरिका से पुराने वादे पूरे करने की मांग कर रहा है। वहीं पाकिस्तान और कतर के जरिए दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है।



