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शाह का दिल्ली में ‘पुलिस लॉकडाउन’ भी नहीं रोक सका जेनजी का हौंसला

सीजेपी के दीपके, रांका, दास को विमान में हिरासत में लिया, ज्ञानेश के खिलाफ लगे नारे, वोट चोर, गद्दी छोड़, पूर्व सीएम ममता बनर्जी, सांसद चंद्रशेखर आजाद, नेहा बोरा, ध्रुव राठी समेत हजारों कॉक्रोच हिरासत में लिए गए, पुलिस का पहरा तोड़कर भी काफी नौजवान जंतर-मंतर के पास तक पहुंचे, कई स्थानों पर प्रोटेस्टर्स की पुलिस से नोकझोंक, लाठीचार्ज में कई घायल

स्पेशल रिपोर्टः आसिफ हुसैनः कानपुर। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार गुप्ता द्वारा अपने दोनों चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एकतरफा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एआईआर) और लाखों वोटरों का नाम काटने का मुद्दा राष्ट्रीय हो गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील है। दिल्ली को पूरी तरह से लॉकडाउन करने के बाद भी जेनजी के हौंसले पस्त नहीं हुए हैं। अभिजीत औऱ सौरव दास, आशुतोष रांका को तो हवाई जहाज से उतरने तक का मौका नहीं दिया गया। उनको उसी में डिटेन कर लिया गया। यूट्यूबर व एआई एक्सपर्ट ध्रुव राठी को गुरुग्राम से उठा लिया गया। यहां तक कि महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी को भी हिरासत में लिया गया। जंतर-मंतर पहुंचने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। यहां तक कि पत्रकारों को भी कवरिंग से रोका जा रहा है। अब तक हजारों की संख्या में प्रोटेस्टर को डिटेन कर लिया गया है। इसमें बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता तो एक साल से अधिक समय से वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे थे। उन्होंने इस संबंध में कई पत्रकारवार्ता में सबूत भी दिखाए थे। उस समय अन्य दलों के नेता उनके साथ शिद्दत नहीं जुड़े थे लेकिन इंडियन एक्सप्रेस में 28 सितंबर को छपी स्टोरी के बाद इसे हवा मिल गई। अखबार ने खुलासा किया कि सीईसी ज्ञानेश कुमार के आदेशों पर उनके चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ती उठाई लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं सुनी। नए नाम जोड़ने वाले फार्म 6 में भी परिवर्तन कर दिया। इसके बाद से आप समेत इंडिया गठबंधन सड़कों पर है। सीजेपी ने पहले ही ऐलान किया था कि 10 अक्तूबर से जंतर-मंतर प्रोटेस्ट होगा। इसके लिए उन्हेंने पुलिस थाने में पत्र देकर अवगत भी करा दिया था। इसके बाद भी उनको अनुमति नहीं दी गई। बल्कि 9 अक्तूबर से ही पाबंदियां शुरू हो गईं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी 47 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। मार्केट को बंद कर दिया गया। सड़क पर कीलें लगाकर और बैरिकेडिंग कर रास्तों को रोक दिया गया।

दीपके ने वीडियो जारी कर कहा कि इतना तो इमरजेंसी में भी नहीं हुआ। हम आए हैं गिरफ्तारी देने आए हैं। यह नरेंद्र मोदी का डर है कि 30 साल के बच्चे को प्लेन से उठा रहे हैं। यह एक तरह से तानाशाही है। प्लेन में भारत माता की जय, इंक्लाब जिंदाबाद के नारे लगे। सांसद चंद्रशेखर आजाद को भी दिल्ली आवास से बाहर नहीं निकलने दिया। बैरिकेंडिंग लगाकर वहीं पर हिरासत में ले लिया गया।

रत्ना सिंह को भी डिटेन कर घर में कैद कर दिया। पूरी रात चले अभियान में पुलिस ने करीब 5000 जेनजी को हिरासत में लिया है। आसपास के राज्यों से दिल्ली आ रहे नौजवानों को ट्रेनों में ही हिरासत में ले लिया गया। रत्ना सिंह ने कोर्ट में गैरकानूनी ढंग से हिरासत में लेने के लिए अर्जी लगाई है। कोर्ट में देर शाम तक सुनवाई हो सकती है।

दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय बलों के हजारों जवानों के साथ यूपी, हरियाणा की पुलिस की भी तैनाती कर दी। दिल्ली पुलिस की तो पहले से ही तैनाती है। पुलिस गाड़ी में बड़े बड़े लाउडस्पीकर लगाकर लोगों को आने से रोकने के लिए ऐलान करती रही।

सड़कें बंद करने के बाद भी पुलिस जेनजी को रोक नहीं सकी। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं जंतर-मंतर के पास पहुंच गए। वहां पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। इससे नौजवानों को चोटें भी आईं। नौजवान मंटो ब्रिज से नौजवान सेंटर प्वाइंट तक पहुंच गए। गुरुद्वारा में भी हजारों नौजवान पहुंचकर पुलिस, केंद्र सरकार और ज्ञानेश के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रोटेस्टर्स ने कहा कि हम देश बचाने के लिए निकले हैं। बाद में पुलिस टांग कर प्रोटेस्टर्स को बसों में भर दिया। इस दौरान प्रोटेस्टर्स वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाते रहे।

हरियाणा के रोहतक जिले के कबूलनगर गांव में पुलिस नौजवानों को रोकने के लिए गई तो गांववालों ने पुलिस को ही डिटेन कर लिया। प्रोटेस्ट के दौरान कई मीडिया चैनलों के पत्रकारों को भी डिटेन किया गया। पुलिस ने न्यूजलॉन्ड्री और स्क्रॉल के पत्रकार अश्विन सिंह, आस्था, अनमोल, अंशु, आयुश तिवारी, काव्या आदि को हिरासत में लिया। डीवी लाइव के पत्रकरों से भी पुलिस ने बदसलूकी की।

पूरे दिन दिल्ली में पुलिस और पोटेस्टर्स के बीच गुरिल्ला युद्ध चलता रहा। जिस तरह से पूरी दिल्ली को लॉकडाउन किया गया उससे केंद्र सरकार की नाकामी छलकती है। यही भाजपा और संघ के लोग 2014 में मनमोहन सरकार के खिलाफ रामलीला मैदान को जंग का मैदान बना दिया था। हालांकि उसमें आप नेता अरविंद केजरीवाल भी थे। अब मोदी सरकरा को प्रोटेस्ट से डर लगने लगा है। आज का पूरा दिन सही मानों में कॉक्रोचों के नाम रहा।

प्रदर्शन के विरोध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बयान दिया। उन्होंने राहुल गांधी और अभिजीत दीपके को निशाने पर लिया। हालांकि भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। वह उनके बचाव में पूरी तरह लगी है।

प्रोटेस्ट के लिए वकीलों का भी एक जत्था जंतर-मंतर पहुंच गया। वहां पर पुलिस के साथ वकीलों के साथ उनके साथ नोकझोंक हुई। वकील महमूद प्राचा, इंदु ने पुलिस से सीनियर अधिकारी को बुलाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में पोटेस्ट सिखाने के लिए हम लोग यहां आए हैं। पुलिस ने हम सबको रोका तो हम बच्चे की तरह रुक गए। पुलिस ने रोककर गैरकानूनी काम किया है। उन्होंने वीएनएसएस की थारा 163 गलत तरीके से लगाई है। अब हमें बताएं कि किस स्थान पर प्रोटेस्ट करें। वकीलों को भी पुलिस ने डिटेन कर लिया। ममता बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया। उनके साथ टीएमसी सांसद भी थे। उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। आईसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी उनके समर्थकों को हिरासत में लिया गया।

9 अक्तूबर को इंडिया गठबंधन के सांसद मल्लिकाअर्जुन खड़गे, राहु

एयरपोर्ट पर विमान में ही हिरासत में लिए गए दीपके, रांका और दास।
एयरपोर्ट पर विमान में ही हिरासत में लिए गए दीपके, रांका और दास।
सांसद चंद्रशेखर आजाद को घर से बाहर निकलने से रोकती पुलिस।

सांसद चंद्रशेखर आजाद को घर से बाहर निकलने से रोकती पुलिस।
दिल्ली में पुलिस के सामने नारेबाजी करते प्रोटेस्टर्स।
दिल्ली में पुलिस के सामने नारेबाजी करते प्रोटेस्टर्स।

ल गांधी, ममता बनर्जी आदि के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिलने गया था। उनको वोट चोरी के बारे में बताया गया। बाद में राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के सबूत देने को कहा है।

 

ASIF HUSAIN

ASIF HUSAIN EDITOR मैंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में परास्नातक (मास्टर) करने के बाद ट्रांसलेशन में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। 1997-98 में राष्ट्रीय सहारा में ट्रेनिंग की। इसके बाद 1998 में अमर उजाला कानपुर में ज्वाइन किया। अमर उजाला में कानपुर में रिपोर्टिंग की। गाजीपुर, चंदौली, भदोही, इटावा में ब्यूरोचीफ के पद पर रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में संभल डेस्क प्रभारी रहा। झांसी में देहात डेस्क प्रभारी रहा। साथ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग की। 2023-24 में अमर उजाला में सीनियर सब एडिटर पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया। इसके बाद अपना यूट्यूब चैनल ‘ब्रिलियंट टाइम’ नाम से बनाया। वीकली अखबार भी इसी नाम से निकाला। ‘द्वाबा सम्राट हिंदी दैनिक’ में देश और विदेश पर लेख लिखे। वर्तमान में हिंदुस्तान संदेश से बतौर एडिटर जुड़ा हूं।

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